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UP: ये है ठकठक गैंग की खतरनाक महिला, साथी के साथ मिलकर व्यापारी की कार से उड़ाए एक करोड़ के हीरे; अब धरे गए

Tue, 18 Jun 2024 04:13 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

ताजनगरी में व्यापारी की कार से एक करोड़ के हीरे पार करने वाले दो आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। दोनों ठकठक गैंग के सदस्य हैं। इनके गैंग में कुल 13 सदस्य हैं। 
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व्यापारी की कार से एक करोड़ के हीरे पार करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में हीरा व्यापारी की कार से एक करोड़ रुपये के हीरे के आभूषण चुराने वाले गैंग की महिला गैंग लीडर और एक गुर्गे को दक्षिण दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों माल को बेचने की फिराक में घूम रहे थे। आरोपी ठक-ठक गैंग के सदस्य हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से हीरे के 23 आभूषण बरामद किए हैं। दक्षिण दिल्ली पुलिस की निशानदेही पर आगरा पुलिस दिल्ली गई। चोरी के माल की तस्दीक के बाद इस गैंग के 11 और गुर्गों को आगरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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दक्षिण दिल्ली पुलिस के डीसीपी अंकित चौहान ने बताया कि ठक-ठक गैंग में 13 सदस्य हैं। 15 जून को गैंग के दो सदस्यों ने लोहामंडी क्षेत्र के मदिया कटरा तिराहा से हीरा कारोबारी की कार से 36 आइटम से भरा बैग चुराया था। हीरे के 36 आइटम में 50 नग आभूषण थे। बैग में एक लाख रुपये नकद और लैपटॉप भी था। हीरे के आभूषणों की कीमत एक करोड़ रुपये से अधिक है।

दिल्ली के दक्षिण जिले के स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर गिरीश चंद्र को आगरा पुलिस से वारदात के बारे में पता चला था। उन्हें ठक-ठक गैंग के बारे में जानकारी थी। जांच के दौरान जेल से जमानत पर रिहा हुए अपराधियों का डाटा के विश्लेषण, आपराधिक डोजियर और माउंटेड तकनीकी के साथ मैनुअल निगरानी से महत्वपूर्ण इनपुट मिला।
 

इनपुट के आधार पर 16 जून को ठक-ठक गिरोह के सदस्यों की साकेत के पुष्प विहार, सेक्टर-4 में घेराबंदी की गई। मौके पर इंद्रपुरी, महिला झुग्गी में रहने वाली गीता (40) को रोका। तलाशी में उसके पास से हीरे के आभूषण बरामद हुए। उसकी निशानदेही पर मदनगीर से कुणाल को गिरफ्तार किया गया। दोनों के पास से हीरे के 15 आइटम में 23 नग आभूषण बरामद हुए हैं।
 

पूछताछ में गीता और कुणाल ने पुलिस को बताया कि उसने अपने गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर 15 जून की रात आगरा के लोहामंडी क्षेत्र में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। हीरे के इन आभूषणों को ठिकाने लगाने के लिए दिल्ली आए थे।
 

ऐसे करते थे वारदात

ठक-ठक गैंग के गुर्गे दो-दो, तीन-तीन के ग्रुप में भीड़भाड़ वाले बाजार, चौराहों व ट्रैफिक सिग्नल पर पैदल घूमते थे। चलती गाड़ियों से डकैती, छिनैती व चोरी के लिए दरवाजे को खटखटाकर ध्यान भटकाते थे। इसी कारण इनका नाम ठक-ठक पड़ गया। मुख्य रूप से लग्जरी कार में चलने वाले व्यवसायी व प्रमुख सुनारों को निशाना बनाते थे। चिह्नित करने के बाद ये कार चालक का ध्यान भटकाकर उन्हें रुकने पर मजबूर कर देते थे। पलक झपकते हुए कार में रखा बैग या माल उड़ा लेते थे।
 
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वाहन रुकवाने का ये था तरीका

  • रेड लाइट पर वाहन के किसी एक टायर को पंक्चर कर देते थे। वाहन चालक के टायर बदलते समय ये लोग कार से सामान चुरा लेते।
  • ये टारगेट वाहन के बोनट पर तेल व स्प्रे आदि छिड़क देते। वाहन की विंड शील्ड पर अंडा फेंक देते थे, ताकि चालक गाड़ी रोक दे।
  • खड़ी कार में दूर से पत्थर मारकर शीशा तोड़ देते थे और उसमें रखा सामान चुरा लेते थे।
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