एसटीएफ आगरा यूनिट के निरीक्षक यतेंद्र शर्मा ने बताया कि जसवंतनगर, इटावा निवासी अनिल यादव ने मिलिट्री इंटेलीजेंस से शिकायत की थी। बताया कि कैंटीन डिपो में नियुक्त देवरी रोड निवासी धीरेंद्र उर्फ मनोज के माध्यम से सेना के हवलदार क्लर्क मनीष भदाैरिया और जसकरन पठानिया ठगी कर रहे हैं। उन्होंने कैंटीन डिपो में अस्थायी पदों पर नाैकरी का आश्वासन दिया था। पीड़ित सहित कई लोगों से लाखों की रकम ली गई थी। इस पर जांच की गई। मामले में थाना सदर में धोखाधड़ी सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज कराया गया। एसटीएफ ने सोमवार रात को मधु नगर चाैराहे के पास से धीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं दोनों हवलदार को वांछित किया गया है।
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दिल्ली में अधिकारियों से बताई थी सेटिंग
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह कैंटीन स्टोर डिपार्टमेंट में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर अस्थायी रूप से कार्यरत है। सैन्य हवलदार क्लर्क मनीष भदाैरिया और उसके साथी जसकरन, जोकि जम्मू में तैनात हैं, पूर्व में आगरा में तैनात थे। मनीष ने दिल्ली में सेना के अधिकारियों से सांठगांठ का आश्वासन दिया। कई लोगों से अस्थायी पद पर नियुक्ति के लिए पैसा ले लिया। आवेदकों के व्हाटसएप नंबर पर फर्जी कागजात भी भेज दिए। इस पर लोग भटकते रहे। बाद में नियुक्ति के लिए दस्तावेज गलत देने का बताकर आवेदन निरस्त होने की बात करने लगा। जब लोगों ने पैसा मांगा तो इन्कार कर दिया।
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