फिरोजाबाद के मोहल्ला दुली स्थित प्राचीन पंचमुखी महादेव मंदिर का इतिहास ग्वालियर से जुड़ा है। वहां के राजा ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। इस मंदिर की मान्यता ये है कि यहां सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी हो जाती है।
उत्तर प्रदेश फिरोजाबाद जिले के मोहल्ला दुली स्थित प्राचीन श्री पंचमुखी महादेव मंदिर का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। मान्यता है कि ग्वालियर के राजा दुलीचंद ने इसका निर्माण कराया था। धीरे-धीरे आस्था बड़ी तो श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया। पिछले 35 वर्ष से गरीब-असहायों के लिए रसोई चलाई जा रही है। इसी मंदिर से होली पर भगवान श्रीकृष्ण और बलराम का डोला निकाला जाता है। यहां सावन के सोमवार और शिवरात्रि को भक्तों की भीड़ उमड़ती है।
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मंदिर में है श्रीराधा मोहन का दरबार
मंदिर परिसर में श्रीराधा मोहन का दरबार भी है। इसके साथ ही श्रीराम भक्त हनुमान, शिव परिवार सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं विराजमान हैं। यहां अलौकिक दिव्य शक्तियां हैं। प्रत्येक दिन शिवलिंग सहित अन्य सभी देवी-देवताओं की पूजा अर्चना होती है। श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं की ओर से रुद्राभिषेक करने के बाद फूलबंगला सजाया जाता है। शाम को आरती के बाद भजन संध्या का आयोजन होता है।
मंदिर महंत अभय मिश्रा ने बताया कि श्रीपंचमुखी महादेव विपदाएं दूर करने वाले हैं। जो श्रद्धालु भक्तिभाव से पूजा अर्चना करने आते हैं और श्रावण मास में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
वहीं यहां आने वाले भक्त प्रदीप दीक्षित उर्फ कल्लू का कहना है कि 'मैं समय-समय पर परिवार के साथ मंदिर में रुद्राभिषेक करता हूं। मंदिर में आने से मन को शांति मिलती है। नियमित पूजन और दर्शन करने से श्री पंचमुखी महादेव भगवान सबकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।'