खुले-टूटे कनेक्शनों को ठीक करने में लापरवाही
जलकल विभाग के आंकडे़ सच्चाई बयां कर रहे हैं। दस दिन में टूटी-फूटी पेयजल लाइन और खुले कनेक्शनों से जुड़ीं कुल 47 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से कुल 13 शिकायतों का ही निस्तारण हो सका है। उर्दू नगर, साठ फुटा, सुभाष कॉलोनी, तिलक नगर, कोटला मोहल्ला, गढ़ैया और भोजपुरा आदि इलाकों में नाली व सीवर का गंदा पानी पेयजल पाइप लाइन के जरिये लोगों के कंठ तक पहुंच रहा है।
सुहागनगर सेक्टर-दो, 48 घंटे बाद भी नहीं मिला लीकेज
सुहागनगर सेक्टर-दो के लोग स्वच्छ पेयजल आपूर्ति से वंचित हैं। इस इलाके में पाइप लाइन लीकेज के कारण घरों में प्रदूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। खास बात है कि दो दिन से निगम के जलकल विभाग के अफसर व कर्मचारी लीकेज को तलाश नहीं कर सके हैं।
जलकल के महाप्रबंधक रामबाबू राजपूत ने कहा कि टूटी-फूटी पाइपलाइन और खुले कनेक्शनों को त्वरित गति से सही कराया जा रहा है। सर्विलांस टीमें खुद भी निगरानी में जुटी हैं। स्वच्छ पेयजल सप्लाई से जुड़ीं अव्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने में कोई कसर नहीं छोडे़ंगे।
एसएन अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हंसराज ने कहा कि गंदगी और अस्वच्छ पानी पीने डायरिया होने का खतरा ज्यादा होता है। अस्पताल की ओपीडी अथवा ट्रॉमा सेंटर में डायरिया के कितने मरीज सामने आये? जानकारी की जाएगी। हालांकि अभी स्थिति ज्यादा खराब नहीं है।