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यूपी का गांव मोहब्बतपुर...जहां घर-घर में 'कब्रिस्तान', दर्दभरी है यहां के मुस्लिमों की कहानी

Fri, 06 Sep 2019 02:29 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी

सार

गांव मोहब्बतपुर में नहीं है कोई कब्रिस्तान, घरों में ही शव दफनाने को मजबूर
विधायक और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से कब्रिस्तान की जमीन की मांग की है
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घर के परिसर में कब्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मैनपुरी की करहल तहसील के गांव मोहब्बतपुर में कोई कब्रिस्तान नहीं है। परिवार के किसी सदस्य की मौत होने के बाद पीड़ित परिजन उसके शव को घर के परिसर में ही दफन करते हैं। समाज के लोगों ने ग्रामसभा की जमीन पर ही कब्रिस्तान के लिए जमीन आरक्षित कराने की मांग की है। 
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गांव मोहब्बतपुर में मुस्लिमों की मंसूरी और फकीर बिरादरी रहती हैं। मंसूरी बिरादरी के 18 और फकीर समुदाय के 20 घर हैं। लंबे समय से दोनों बिरादरी के लोगों ने घरों के आसपास के खाली स्थानों पर कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। 

कब्रिस्तान की कोई निश्चित जगह आवंटित नहीं हुई। गांव में आबादी बढ़ने पर घर बनते चले गए। कब्रिस्तान की जगह कम होती चली गई। शवों को दफन करने के लिए जगह तक मिलना मुश्किल हो गई है। कई मकानों की चाहरदीवारी में ही अब कब्रों को स्थान दिया जा रहा है। 
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यह भी पढ़ें- आगराः अब एक ही कब्र में दफन होगा एक परिवार, ये है वजह 
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विधायक ने भी लिखा डीएम को पत्र

गांववासी निसार अली, फकीर अली, इसमाइल खां, नूरउद्दीन, शहजादे खां, फजले नवी ने जिलाधिकारी से ग्रामसभा की जमीन पर ही कब्रिस्तान के लिए जगह आरक्षित कराने की मांग की है। उधर, विधायक किशनी ब्रजेश कठेरिया ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। 

पत्र में कहा गया कि करहल के ग्राम मोहब्बतपुर में मुस्लिम समुदाय के पास कब्रिस्तान के लिए जगह नहीं है। मकान की चाहरदीवारी के अंदर ही लोग शव दफनाने को मजबूर हैं। विधायक ने ग्रामसभा की जमीन पर ही कब्रिस्तान के लिए जमीन आरक्षित कराने की मांग की है।

यूपीः मुस्लिम घरों में बने कब्रिस्तान, कहीं रसोई के पास 'अपनों' को दफनाया तो कहीं आंगन में
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