विदेश जाना चहाता था योगेश
मृतक राकेश सिंह छोटे भाई दामोदर ने बताया कि योगेश विदेश जाकर ट्रक चालक का काम करने की कह कर पिता से संपत्ति बेचने की बात कहता था। लेकिन संपत्ति के लालच में वह अपनों का ही खून बहा देगा इसकी उम्मीद नहीं की थी।
कहां गए 40 हजार रुपये
पोस्टमार्टम गृह पर रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने बताया कि राकेश सिंह (मृतक) ने रविवार को गांव के ही मुन्नालाल को पांच बीघा कृषि भूमि एक साल के लिए पट्टे पर दी थी। बताया गया कि पट्टा देने पर राकेश सिंह को 40 हजार रुपये की रकम भी दी गई। गांव से करीब 500 मीटर दूर हुए हत्याकांड के दौरान उक्त धनराशि मृतक राकेश सिंह के पास नहीं मिली।
मृतक की ननिहाल है नगला रमिया
मृतक राकेश सिंह मूल रूप से प्रतापपुर थाना बंसुधरा जनपद एटा के निवासी हैं। राकेश सिंह तीन भाइयों में मझला (दूसरे नंबर) का था। मृतक राकेश सिंह के छोटे भाई दामोदर ने बताया कि नगला रमिया उनके नाना जौहरी सिंह का गांव है। तीनों भाई महीपाल सिंह, राकेश सिंह (मृत) सबसे छोटे दामोदर सिंह करीब 40 साल पहले अपनी ननिहाल नगला रमिया में आकर रहे थे। तीनों भाइयों की पैतृक गांव प्रतापपुर में भी थोडी-बहुत कृषि भूमि है। घटना के वक्त मृतक के बड़े भाई महीपाल सिंह प्रतापपुर में ही थे।