उत्तर प्रदेश के आगरा में सदर थाना क्षेत्र के बड़ा उखर्रा की श्रमिक वर्ग के 100 से अधिक लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई। प्रधानमंत्री योजना में 2.5 लाख रुपये और हर महीने 400 रुपये का लालच देकर निजी बैंक में खाते खुलवाए गए। इसके बाद लाखों जमा कर निकाल लिए। बैंक से चेक बाउंस का नोटिस आने पर उन्हें जानकारी हुई। बुधवार को पीड़िताओं ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को साइबर अपराध में खाते इस्तेमाल होने की आशंका है। मामले की जांच की जा रही है।
महिलाओं ने बताया कि उन्हें डेबिट कार्ड, चेक बुक और पासबुक नहीं दी गई थी। मोबाइल पर खाते में जमा और निकाली गई धनराशि के मैसेज तक नहीं आए। बैंक से पता चला कि मोबाइल नंबर आरोपियों ने अपने डलवाए थे। इस कारण किसी को जानकारी नहीं मिल सकी। खाते खोलने के बाद चेक से भी रकम निकाली जा रही थी।
थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि जांच में पता चला कि खाते घर-घर आकर खुलवाए गए थे। इसमें फिंगर प्रिंट भी लिया गया। लोगों के पास खाते खुलने पर बैंक से एक पत्र भी पहुंचा। इससे लोगों को लगा कि खाते में योजना के तहत रकम आएगी। मगर, ऐसा नहीं था। मामले की जांच की जा रही है। खाते साइबर अपराध में इस्तेमाल होने की आशंका है। बैंक कर्मियों की मिलीभगत की आशंका है। क्योंकि खाते खोलने पर मोबाइल नंबर कैसे बदल गया, भौतिक सत्यापन क्यों नहीं किया गया।
अशोक कुमार का कहना था कि दो महीने पहले भाभी पिंकी के पास बैंक से नोटिस आया था। इसमें 20 हजार रुपये का चेक बाउंस होने की जानकारी थी। गुड्डी देवी के पास भी नोटिस आया। उन्हें चेक बुक नहीं मिली थी। वह हींग की मंडी बैंक की शाखा में गए। पता चला कि बैंक से पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड जारी किया गया था, लेकिन उन्हें नहीं दिया गया। उन्होंने अपने साथ 61 लोगों की सूची पुलिस को सौंपी है।