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एक सैकड़ा लोगों को बनाया निशाना: पीएम योजना के नाम पर खोले खाते, उन्हें पता भी नहीं और हो गया लाखों का लेनदेन

Thu, 28 Sep 2023 08:56 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में ठगों ने मजदूर वर्ग के एक सैकड़ा लोगों को अपना निशाना बनाया। पीएम योजना के नाम पर उनके खाते खोले। इसके बाद उन्हें पता भी नहीं और उनके खातों से लाखों का लेनदेन कर लिया गया। 
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Cyber Crime - फोटो : iStock
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के आगरा में सदर थाना क्षेत्र के बड़ा उखर्रा की श्रमिक वर्ग के 100 से अधिक लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई। प्रधानमंत्री योजना में 2.5 लाख रुपये और हर महीने 400 रुपये का लालच देकर निजी बैंक में खाते खुलवाए गए। इसके बाद लाखों जमा कर निकाल लिए। बैंक से चेक बाउंस का नोटिस आने पर उन्हें जानकारी हुई। बुधवार को पीड़िताओं ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस को साइबर अपराध में खाते इस्तेमाल होने की आशंका है। मामले की जांच की जा रही है।

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बड़ा उखर्रा की रहने वाली नवल देवी, ममता, रेनू देवी, राजकुमारी, लीलावती, पिंकी, पूरन देवी, नहनी, अशोक कुमार सहित 20-25 महिलाएं बुधवार को थाना सदर पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि एक साल पहले क्षेत्र के कुछ युवकों ने खाते खुलवाए। बताया कि वह निजी बैंक के एजेंट हैं। प्रधानमंत्री योजना में खाते खोले जा रहे हैं। हर महीने 400 रुपये मिलेंगे। 2.5 लाख रुपये बाद में दिए जाएंगे। इससे महिलाएं लालच में आ गईं।

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उनसे आधार, पेन कार्ड ले लिए गए। घर आकर आवेदन फॉर्म पर भी हस्ताक्षर कराए गए। फिंगर प्रिंट भी लिए। निजी बैंक की संजय प्लेस, हींग की मंडी और विभव नगर शाखा में खाते खोल लिए गए। उन्हें एक बार 400 रुपये भी दिए गए। हाल ही में बैंक से नोटिस आए। इसमें उनके खाते का चेक बाउंस होने की जानकारी थी। यह देखकर सभी के होश उड़ गए। बैंक जाने पर पता चला कि खातों में 1 लाख से लेकर 20 लाख रुपये तक का ट्रांजेक्शन कई खातों में हुआ है। उन्होंने खाता खोलने वाले युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तकरीबन 100 से अधिक महिलाओं के खाते खोलकर धोखाधड़ी की गई।

डेबिट कार्ड दिए न चेक बुक

महिलाओं ने बताया कि उन्हें डेबिट कार्ड, चेक बुक और पासबुक नहीं दी गई थी। मोबाइल पर खाते में जमा और निकाली गई धनराशि के मैसेज तक नहीं आए। बैंक से पता चला कि मोबाइल नंबर आरोपियों ने अपने डलवाए थे। इस कारण किसी को जानकारी नहीं मिल सकी। खाते खोलने के बाद चेक से भी रकम निकाली जा रही थी।

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साइबर अपराध में हुए इस्तेमाल

थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि जांच में पता चला कि खाते घर-घर आकर खुलवाए गए थे। इसमें फिंगर प्रिंट भी लिया गया। लोगों के पास खाते खुलने पर बैंक से एक पत्र भी पहुंचा। इससे लोगों को लगा कि खाते में योजना के तहत रकम आएगी। मगर, ऐसा नहीं था। मामले की जांच की जा रही है। खाते साइबर अपराध में इस्तेमाल होने की आशंका है। बैंक कर्मियों की मिलीभगत की आशंका है। क्योंकि खाते खोलने पर मोबाइल नंबर कैसे बदल गया, भौतिक सत्यापन क्यों नहीं किया गया।

दो महीने पहले मिले नोटिस

अशोक कुमार का कहना था कि दो महीने पहले भाभी पिंकी के पास बैंक से नोटिस आया था। इसमें 20 हजार रुपये का चेक बाउंस होने की जानकारी थी। गुड्डी देवी के पास भी नोटिस आया। उन्हें चेक बुक नहीं मिली थी। वह हींग की मंडी बैंक की शाखा में गए। पता चला कि बैंक से पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड जारी किया गया था, लेकिन उन्हें नहीं दिया गया। उन्होंने अपने साथ 61 लोगों की सूची पुलिस को सौंपी है।

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