ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी डॉ. उमाकांत गुप्ता का 13 जुलाई को पांच करोड़ की फिरौती के लिए अपहरण किया गया था। अपहरण के मुख्य आरोपी समेत दो को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
आगरा जिले में पुलिस ने एक महीने के अंदर मुठभेड़ में चार बदमाशों को मार गिराया, जबकि कइयों को गिरफ्तार किया। पुलिस का खौफ अब बदमाशों में इस कदर बैठ गया है कि एनकाउंटर के डर से सरेंडर करने का सिलसिला भी जारी है। चिकित्सक अपहरण कांड में फरार 25 हजार के इनामी बदमाश ने रविवार को थाना एत्माद्दौला में सरेंडर कर दिया।
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सरेंडर करने वाले बदमाश का नाम तरुण कुमार है। वह रविवार को हाथ जोड़कर थाना एत्माद्दौला में सरेंडर करने पहुंचा। पुलिस की पूछताछ में तरुण ने कबूल किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर डॉ. उमाकांत गुप्ता का अपहरण किया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ताबड़तोड़ दबिश दे रही थी। पुलिस के डर से उसने आत्मसमर्पण किया है।
आरोपी तरुण मथुरा के थाना रिफाइनरी अंतर्गत गांव खेड़िया का रहने वाला है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। इससे पहले भोला नाम के आरोपी ने आत्मसमर्पण कर चुका है। पुलिस ने अपहरण कांड के मुख्य आरोपी एक लाख रुपये के इनामी बदमाश बदन सिंह और उसके साथी को मुठभेड़ में ढेर कर चुकी है।
शहर की ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी डॉ. उमाकांत गुप्ता का 13 जुलाई को पांच करोड़ की फिरौती के लिए अपहरण किया गया था। पुलिस ने 31 घंटे बाद धौलपुर के बीहड़ से डॉक्टर को मुक्त करा लिया था। दो आरोपी पवन और मंगला उर्फ संध्या पकड़े थे। मंगला ने हनीट्रैप में फंसाकर चिकित्सक को फंसाया था। इसके बाद उनका अपहरण किया गया था।