औरैया हादसे के बाद प्रदेश सरकार ने एनएच-2 और एक्सप्रेसवे से सटे सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मजदूर किसी भी कीमत पर ट्रक या इस प्रकार के अन्य वाहन से या फिर पैदल न जाने पाएं।
इस आदेश के बाद डीएम और एसएसपी ने कोसीकलां के कोटवन बॉर्डर, फरह के रैपुरा जाट तथा एक्सप्रेसवे पर बाजना कट पर वाहनों से आने वाले मजदूरों को रोकने के निर्देश दिए। इस आदेश का अनुपालन शनिवार सुबह से ही शुरू हो गया।
कोटवन पर ट्रकों आदि से आने वाले सभी मजदूरों को रोक लिया गया। कुछ मजदूर अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर बंद कैंटर आदि में बैठकर फरह तक चले गए उन्हें वहां पर उतार लिया।
इन मजदूरों को कोसीकलां मंडी समिति तथा फरह में हरदयाल विद्यालय में तथा एक्सप्रेसवे पर आरकेडियन पब्लिक स्कूल में रखा गया। यह सब शासन के दूत बनकर जनपद में आए सचिव स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी में किया गया।
रविवार की सुबह भूख और प्यास से परेशान मजदूरों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने कोसीकलां बॉर्डर पर जमकर हंगामा किया। सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए कोसीकलां मंडी समिति से निकलकर हाईवे पर दौड़ लगा दी।
इसी प्रकार से फरह में रैपुरा जाट पर मजदूरों ने ट्रकों के टायर जलाकर विरोध किया। मजदूरों का कहना था कि जब प्रशासन उनको रोटी-पानी से लेकर जाने के लिए बसों का इंतजाम नहीं कर पा रहा है तो रोक क्यों रहा है।
ट्रेनों से भेजे जाएंगे मजदूर
कोसीकलां से प्रवासी मजदूरों के लिए प्रशासन ने ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन कोसीकलां से देवरिया, मुगलसराय और झांसी के लिए चलाई जाएगी। प्रशासन ने ट्रेन चलाने का निर्णय मजदूरों के हंगामा करने के बाद लिया है। यह जानकारी एडीएम वित्त एवं राजस्व सतीश कुमार त्रिपाठी ने दी। उन्होंने बताया कि ट्रेनों में जाने वाले लोगों की सूची संबंधित लेखपाल राजस्व निरीक्षक आदि को तैयार करेंगे।