बाल रोग विभाग के डॉ. शिवप्रताप सिंह ने बताया कि 30-35 बच्चों में बुखार, पेट दर्द और पीलिया की समस्या है। इलाज में देरी होने पर 3-5 बच्चों को भर्ती करना पड़ रहा है। बच्चों को बुखार आने पर डॉक्टर के परामर्श पर ही दवाएं दें।
बार-बार रुमाल से पोंछने पर आंखों में बना घाव: डॉ. अनु जैन
एसएन के नेत्र रोग विभाग की डॉ. अनु जैन ने बताया कि आई फ्लू के मामले कम होने लगे हैं। फ्लू एक ही तरह का है, लेकिन उसकी गंभीरता अलग-अलग है। अभी ओपीडी में आई फ्लू के 5-8 मरीज ऐसे भी आ रहे हैं, जिनकी पुतली पर जख्म मिल रहा है।
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पूछताछ में मरीजों ने रुमाल से बार-बार आंख को पोंछना और मेडिकल स्टोर से बिना डॉक्टरी परामर्श के ड्रॉप खरीदकर आंखों में डालने की बात बताई। कई की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण भी मर्ज बढ़ जाता है। ऐसे मरीजों की फ्लू ठीक होने में 3 से 5 दिन अतिरिक्त लग रहे हैं।