आयकर विभाग की नजरें एक बार फिर मथुरा में बेनामी संपत्ति पर टिक गई हैं। जमीनों की खरीद-फरोख्त बढ़ते ही ऐसे मामले तेजी से सामने आ रहे हैं, जिसमें लोग ये नहीं बता पा रहे हैं कि जमीन की खरीद के लिए अमुख धनराशि कहां से आई। ऐसे 750 लोगों की संपत्ति का ब्यौरा खंगाला जा रहा है।
जमीन के मामलों में मथुरा प्रदेश के टॉप फाइव शहरों में शुमार रहा है। यहां बड़ी धनराशि बाहरी लोगों ने जमीन से जुड़े व्यवसाय में लगाई है। हालांकि पिछले तीन साल से ये स्थितियां अब नहीं हैं, फिर भी सब रजिस्ट्रार कार्यालय से आयकर विभाग को भेजे जा रहे आंकड़ों के तहत ऐसे लोगों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है, जो जमीन खरीद के लिए उपयोग की गई धन का ब्योरा नहीं दे पा रहे हैं।
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ऐसे मामलों को देखते हुए आयकर विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। 750 से अधिक ऐसे मामलों में व्यक्ति की संपत्ति की जांच शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों को अंदेशा है कि यह बेनामी संपत्ति के मामले भी हो सकते हैं।
सीए हरिमोहन अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में आयकर विभाग ऐसे मामलों में गंभीरता से जांच कर रहा है। ऐसे लोगों को सूचीबद्ध भी किया जा चुका है, जो नोटिस के बाद संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
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