आगरा। आपका लोन पास हो गया है। खाते में रकम ट्रांसफर की जा रही है। खाते की जानकारी और ओटीपी बता दो। खंदारी की एक रेस्टोरेंट संचालक पूजा गुप्ता से इसी तरह जानकारी लेकर खाते से 55 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए थे। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने खाते से ट्रांसफर रकम को होल्ड कराकर उनके खाते में वापस करा दिया।
यह कोई पहला मामला नहीं है। साइबर अपराधी किसी को कॉल करके ठग रहे हैं तो किसी का एटीएम कार्ड बदलकर खाते से रकम ट्रांसफर कर रहे हैं। अगर, आगरा रेंज की बात करें तो 287 लोग इस साल सात महीने में वित्तीय धोखाधड़ी के शिकार हो चुके हैं। जिन लोगों ने जल्द पुलिस को सूचना दी, उनके 1.45 करोड़ रुपये पुलिस ने वापस करा दिए।
आईजी रेंज नवीन अरोरा के मुताबिक, साइबर अपराधी रोजाना नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं। उनका मकसद सिर्फ खाते की जानकारी लेकर रकम ट्रांसफर करना होता है। कॉल करके बैंक, बीमा, फाइनेंस और पीएफ कर्मचारी बताते हैं। खाते में रकम भेजने का झांसा देकर जानकारी लेते हैं। इसके बाद खाते से रकम ट्रांसफर कर लेते हैं। एटीएम कार्ड बदलकर और क्लोन कार्ड बनाकर भी खाते साफ कर रहे हैं। ठगी का शिकार ग्रामीण ही नहीं, जानकार लोग भी हो रहे हैं। इसलिए सावधान रहने की जरूरत है।
आईजी ने बताया कि कई बार लोग साइबर सेल तक आने में देरी कर देते हैं। इसका फायदा साइबर अपराधियों को मिलता है। साइबर अपराधी एटीएम कार्ड की जानकारी लेकर ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं। इसके लिए ई वॉलेट का प्रयोग किया जाता है। अगर, धोखाधड़ी की जानकारी 10 से 25 मिनट में ही साइबर सेल और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर मिल जाती है तो रकम को काफी हद तक वापस कराया जा सकता है। ई वॉलेट और खाते में आगे लेन-देन को रोककर रकम को निकलने से बचाया जा सकता है। यही वजह है कि सात महीने में लोगों के 1.45 करोड़ रुपये वापस कराए गए हैं।
रात 12 से पहले और बाद में निकालते हैं दो बार में रकम
पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधी रात में 12 बजे से पहले और बाद में दो बार में रकम निकालते हैं। अगर, किसी खाते से रकम निकालने की लिमिट एक दिन की 20 से 25 हजार होती है तो वह रात में 11:55 पर एक बार रकम निकालेंगे, जबकि दूसरी बार में 12:01 बजे रकम निकालेंगे। इससे दो दिन के ट्रांजेक्शन के बराबर तकरीबन 40 से 50 हजार रुपये खाते से निकाल लेंगे। इसके अलावा शनिवार और रविवार को रकम ज्यादा निकाली जाती है। बैंकों की रविवार को छुट्टी होती है। इस कारण कई बार लोग खाते से रकम निकलने पर बैंक जाकर खाता ब्लॉक नहीं कर पाते हैं।