हर बार समझौता, पहली बार ध्वस्त हुआ
राधास्वामी सत्संग सभा, दयालबाग 1910 में बनी थी। पहली बार आजाद भारत में 1949 में विद्युत नगर का रास्ता बंद करने के मामले में कलेक्ट्रेट में लोगों ने इनके खिलाफ प्रदर्शन किया था। उसके बाद लगातार प्रदर्शन, पथराव, गोलीबारी, मारपीट के मामले होते गए, पर प्रशासन एक बार भी कार्रवाई नहीं कर पाया। पूर्व विधायक विजय सिंह राणा ने 1984 में आंदोलन की शुरूआत की, पर सत्संग सभा ने कब्जे नहीं हटाए। पहली बार शनिवार को डीएम भानु चंद्र गोस्वामी के आदेश पर सत्संग सभा के 6 गेट ध्वस्त किए गए।
पहली बार लगाया मरहम
पूर्व विधायक कालीचरन सुमन ने बताया कि पहली बार दयालबाग के किसानों के जख्मों पर प्रशासन ने मरहम लगाया है। सत्संग सभा किसानों का उत्पीड़न अपने ऊंचे संपर्क, रसूख और धनबल पर करती थी, पर योगी सरकार ने दिखा दिया कि बाबा का बुलडोजर हर अन्याय करने वाले पर चलेगा। प्रशासन ने अच्छी कार्रवाई की है।