मैनपुरी। दिव्यांग बच्चों के लिए होम बेस्ट एजूकेशन कार्यक्रम शुरू होने जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत स्कूल जाने में अक्षम छात्र-छात्राओं को विशेष शिक्षक उनके घरों पर पहुंचकर शिक्षा प्रदान करेंगे। समेकित शिक्षा के तहत संबंधित छात्र-छात्राओं के आवश्यक स्टेशनरी की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
जिला समन्वयक समेकित शिक्षा रणधीर बहादुर ने बताया कि शासन के निर्देश पर दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए होम बेस्ट एजूकेशन कार्यक्रम शुरू किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत विद्यालय में पंजीकृत अति गंभीर बच्चे जो स्कूल नहीं जा सकते हैं उन्हें शिक्षा प्रदान की जाएगी। जिले में होम बेस्ट एजूकेशन कार्यक्रम शुरू किया जा हा है। दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए जरूरी स्टेशनरी खरीदने के निर्देश शासन से दिए गए हैं। यह स्टेशनरी ऑनलाइन जैम पोर्टल के माध्यम से खरीदी जाएगी। दृष्टिहीन बच्चों और लो विजन छात्र-छात्राओं को विशेष शिक्षा प्रणाली की स्टेशनी के माध्यम से शिक्षा प्रदान की जाएगी जिससे कि वह भी पढ़ना- लिखना सीख सकें।
----
जिले में 120 बच्चों का हुआ चयन
जिला समन्वयक समेकित शिक्षा रणधीर बहादुर ने बताया कि होम बेस्ट एजूकेशन के लिए जिले के परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत 120 छात्र-छात्राओं का चयन किया गया है। इनमें 72 वे छात्र-छात्राएं लो विजन वाले हैं जबकि 31 छात्र-छात्राएं दृष्टि हीन हैं। वहीं 17 छात्र-छात्राएं वे हैं जो चलने फिरने में अक्षम हैं।
------
23 विशेष अध्यापक देंगे शिक्षा
होम बेस्ट एजूकेशन कार्यक्रम के लिए 23 विशेष शिक्षकों को जिम्मेदार सौंपी गई है। जिले में नौ श्रवण बाधित, चार दृष्टि अक्षम, 10 मानसिक मंदता की शिक्षा देने वाले विशेष शिक्षकों की तैनाती है। इन शिक्षकों पर ही होम बेस्ट एजूकेशन कार्यक्रम को सफल बनाने की जिम्मेदारी होगी।
-----
शासन के निर्देश पर होम बेस्ट एजूकेशन कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। जिसमें स्कूल में पंजीकृत उन छात्र-छात्राओं को घर पर ही शिक्षा दी जाएगी जो स्कूल नहीं जा सकते हैं।
रणधीर बहादुर, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा