आगरा। तहसील प्रशासन की कार्यशैली देखिए। पीड़ित शिकायत करते रहे। खेरागढ़ के गांव सैंया में तालाब भूमि पर अवैध निर्माण हो गए। पांच साल पहले दर्ज एफआईआर में आरोप पत्र दाखिल हो गया। फिर भी निर्माण होते रहे। इस मामले में अब जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने तहसीलदार को तीन महीने में तालाब से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं।
खेरागढ़ तहसील की सैंया ग्राम पंचायत में गाटा संख्या 633 में तालाब राजस्व रिकार्ड में दर्ज है। जमीन की कीमत करीब 15 करोड़ रुपये है। 2016 में तत्कालीन एसडीएम के आदेश पर लेखपाल ने जांच की। अवैध कब्जेदारों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने आरोप पत्र दायर किया, परंतु तहसीलकर्मियों ने अतिक्रमण नहीं हटाए। फिर सपोर्ट इंडिया सोसायटी संस्थापक सुरेश चंद सोनी ने डीएम, एसडीएम, एडीएम को चार बार प्रार्थना पत्र दिए। कोई कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका 1051/2021 दायर की। जिसमें कोर्ट ने तीन महीने में तहसीलदार से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही रिपोर्ट मांगी है। ये हाल तब है जब पांच साल पहले उक्त तालाब के संबंध में एफआईआर दर्ज हो चुकी थी। गौरतलब है कि जिले में 139 से अधिक तालाबों पर अवैध कब्जे हैं। जिन्हें हटाने को लेकर प्रशासन पर लचर कार्यशैली के आरोप लगते रहे हैं।
प्रशासन ने रुकवाया ईवीएम गोदाम का निर्माण
- डीएम कपाउंड के पीछे जिस जमीन पर ईवीएम मशीनों का गोदाम बन रहा है, उसके मालिकाना हक को लेकर फिर विवाद शुरू हो गया है। प्रदीप वासन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर जमीन पर मालिकाना हक जताया है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में जिला प्रशासन से जवाब मांगा है। मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद प्रशासन ने ईवीएम गोदाम का निर्माण कार्य रुकवा दिया है।