ग्रेच्युटी के भुगतान से जुड़े मामले में हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना मथुरा के वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक को भारी पड़ गई। कोर्ट की नाराजगी को देख कठघरे में खड़े वित्त एवं लेखाधिकारी के हाव-भाव उड़ गए। उनके अधिवक्ता ने लिखित में भुगतान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही कोर्ट से वित्त एवं अधिकारी को जाने की अनुमति मिली।
नौहझील विकासखंड के आजनौंठ विद्यालय में कार्यरत हरेकृष्णा की सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी। उनके द्वारा अपने जीवित रहते 60 वर्ष में सेवानिवृत्ति का विकल्प पत्र नहीं भरा गया था। इस पर उनकी पत्नी ने ग्रेच्युटी लेने के लिए आवेदन किया तो बेसिक शिक्षा विभाग ने विकल्प पत्र न भरने की स्थिति में ग्रेच्युटी देने से इंकार कर दिया।
पीड़ित ने लगाई थी हाईकोर्ट से गुहार
इस आदेश के विरोध में मृतक की पत्नी मुनेश देवी हाईकोर्ट इलाहाबाद की शरण ली। उच्च न्यायालय ने मुनेश देवी के पक्ष में निर्णय सुनाते हुए बेसिक शिक्षा विभाग को ग्रेच्युटी का भुगतान करने का आदेश दिया। इसके बावजूद भी विभाग द्वारा पीड़ित पक्ष को भुगतान नहीं किया गया। इस पर पीडि़त ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की।