कासगंज में जिलाधिकारी हर्षिता माथुर हक की बात कार्यक्रम में फोन पर महिलाओं की समस्याएं सुनतीं
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कासगंज। हक की बात कार्यक्रम में महिलाओं ने जिलाधिकारी हर्षिता माथुर को अपनी पीड़ा फोन पर बतायी। सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक चले कार्यक्रम में 14 महिलाओं ने अपनी-अपनी समस्याएं बताईं। डीएम ने संबंधित विभागों को समस्याओं का तत्काल निस्तारण करने के आदेश दिए।
गंजडुंडवारा निवासी बेगम रजिया सुल्ताना ने घरेलू हिंसा के संबंध में लीगल जानकारी चाहिए। गंजडुंडवारा के एटा रोड रहने वाली जेवा खानम ने मांग रखी कि घरेलू हिंसा से संबंधित मुकदमा में पुन: विवेचना हो। कासगंज निवासी अर्चना कहा कि घरेलू हिंसा से संबंधित मुकदमा कासगंज कोतवाली में दर्ज है। लेकिन मामले में चार्जशीट नहीं लगी है।
गांव बल्हार निवासी जमुना देवी ने कहा कि एक्सीडेंट से संबंधित मुकदमा एटा के जैथरा में दर्ज है। मुआवजा नहीं मिला है।
पूजा कुशवाह ने भी एक्सीडेंट से संबंधित क्लेम नहीं मिलने की समस्या बताई। पटियाली के गांव मझोला निवासी बेगम जामियां और लक्ष्मी माथुर ने आवास की जरूरत बताई।
अंजना सक्सेना ने कहा कि वह सहारा इंडिया में एजेंट पद पर कार्यरत है, आरडी का भुगतान नहीं हो रहा। गांव करमपुर निवासी रेनू ने कहा कि घरेलू हिंसा से संबंधित मुकदमा महिला थाने में पहुंचा। दोनों पक्षों में समझौता हुआ। फिर भी पति घर नहीं ले जा रहे हैं।