इन शातिरों के नाम सामने आए
एसटीएफ आगरा इकाई के निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में आर्यन के अलावा नीरज, पिंकी उर्फ निशांत और मनोज के नाम सामने आए हैं। आर्यन बैंक से आधार और पैन कार्ड निकालकर लाता था। इसके बाद निशांत, मनोज और अरुण को देता था। वो आधार-पैन कार्ड पर फोटो और पता बदलते थे।
इसके बाद बैंक में खाता खुलवाते थे। लोन के लिए आवेदन करते थे। सत्यापन के लिए टीम के आने पर कोई जमीन दिखा देते थे। एक व्यक्ति खुद को जमीन विक्रेता बताता था तो दूसरा जमीन खरीदार फौज में होना दर्शाता था। रजिस्ट्री के स्टांप पर फर्जी मुहर लगाकर बैंक में प्रस्तुत करते थे। लीगल एडवाइजर का कर्मचारी भी मिला हुआ था। वह लोन का चेक देने रजिस्ट्री कार्यालय जाने के बजाय आरोपियों को सीधे दे देता था।
आरोपी लोन की किस्त भी जमा कर रहे थे। उन्होंने एक साल के अंदर 12 लोन पांच करोड़ के कराए थे। जांच में कई और लोन इसी तरह फर्जीवाड़ा करके होने की जानकारी पुलिस को मिली है। आरोपियों से 40 लाख रुपये के ई स्टांप बरामद हुए हैं। फर्जी आधार कार्ड लगाकर सिम भी खरीदते थे। अब तक 40 से अधिक सिम भी ले चुके थे।