मैनपुरी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जांच में फेल हुए नमूनों के मामलों में अपर जिलाधिकारी न्यायालय में सुनवाई हुई। अपर जिलाधिकारी ने खाद्य पदार्थों के नमूने फेल होने पर 12 विक्रेताओं पर चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सभी को जल्द जुर्माने की धनराशि जमा करने के आदेश दिए गए हैं।
खाद्य पदार्थ जांच में फेल (अधोमानक) मिलने पर विभाग ने अपर जिला जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर किया। यहां सुनवाई करते हुए अपर जिलाधिकारी बी. राम ने 12 विक्रेताओं पर चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। आदेश की प्रति भेजकर आदेश दिए हैं कि जुर्माना जमा न करने पर कार्रवाई की जाएगी।
नमूने फेल होने पर दो प्रकार से होती है कार्रवाई
जांच के लिए भेजे जाने वाले नमूने दो प्रकार से फेल होते हैं। एक वह जिनमें कोई ऐसी मिलावट तो नहीं होती लेकिन वे मानव शरीर के लिए हानिकारक होते हैं। दूसरे इन्हें अधोमानक कहा जाता है। इनके लिए अपर जिलाधिकारी न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाता है। दूसरे वे नमूने वे फेल होते हैं जिनमें की गई मिलावट मानव शरीर के लिए हानिकारक होते हैं। ऐसे मामले हानिकारक की श्रेणी में आते हैं। इनके लिए एसीजेएम न्यायालय में मुकदमा दायर किया जाता है।
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ये की गई थी मिलावट
रंगीन कचरी, मिर्च पाउडर, नारियल बर्फी के नमूने रंग की अधिकता के कारण फेल हुए, वहीं सरसों के तेल में दूसरे तेल की मिलावट, खोआ में मानक से कम फेट, लड्डू में दूसरे तेल की मौजूदगी, बर्फी में स्टार्च और दूध में पानी की मिलावट के कारण नमूने फेेल हुए। मखाने और सेंवई पैकिंग में गलत जानकारी लिखी गई।
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किस पर कितना लगाया जुर्माना
विक्रेता का नाम नमूना जुर्माना
-राजीव कुमार, दरीबा रंगीन कचरी 15 हजार
-चंकी, कुरावली बिना पंजीकरण 35 हजार
-राजीव, औंछा बिना पंजीकरण 35 हजार
-मनोज गुप्ता, बेवर मिर्च पाउडर 35 हजार
-कुल्दीप, नारायनपुर सरसों का तेल 25 हजार
-सुरेंद्र गुप्ता, शमशेरगंज मखाना 35 हजार
-सौदान सिंह, महावतपुर मिश्रित दूध 25 हजार
-जितेंद्र सिंह, मैनपुरी सेंवईं 35 हजार
-रामकुमार, कुसमरा सरसों का तेल 25 हजार
-रमेश चंद्र, दरीबा नारियल बर्फी 15 हजार
-दिनेश चंद्र, सुजरई खोआ 20 हजार
-उमेश चंद्र, ज्योंति तिराहा नारियल बर्फी 15 हजार
-शिवकांत, बेवर लड्डू 40 हजार
-आदेश, औड़ेन्य मंडल बर्फी 45 हजार
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-जो भी नमूने जांच में अधोमानक पाए जाते हैं वे सुनवाई के लिए अपर जिलाधिकारी न्यायालय में दायर किए जाते हैं। ऐसे ही 12 मामलों में सुनवाई के बाद अपर जिलाधिकारी ने चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
-डॉ. टीआर रावत, अभिहित अधिकारी।
तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले
मैनपुरी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी ने डीएम के अनुमोदन पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती में फेरबदल किया है।
अभिहित अधिकारी डॉ. टीआर रावत ने इनकी तैनाती में बदलाव किया है। पूर्व में भोगांव और किशनी तहसील में तैनात खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसबी सिंह को नगर पालिका मैनपुरी और तहसील मैनपुरी की जिम्मेदारी दी है। नगर पालिका और करहल तहसील देख रहे खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके वर्मा को भोगांव तहसील का जिम्मा दिया गया है। वहीं खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. राजीव कुमार को मैनपुरी तहसील के स्थान पर करहल और किशनी तहसील की जिम्मेदारी दी गई है। संवाद