पांच टीकों की भेजते हैं रिपोर्ट
शून्य से पांच साल तक के बच्चों को टीवी की रोकथाम के लिए (बीसीजी) , ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी), खसरा (मिजल्स), रोटावायरस और यलो फीवर के टीके लगाए जाते हैं। टीकाकरण के बाद बच्चों में होने वाले दुष्प्रभाव की जांच होती है। जिसका डाटा पोर्टल पर फीड होता है। फीड डाटा के आधार पर ही ऐसे बच्चों की निगरानी की जाती है।
सीएमओ से मांगी है रिपोर्ट
मिशन निदेशक का पत्र मिला था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी व प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी गई है। पोर्टल को अपडेट कराया जा रहा है।
- प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
गड़बड़ी की हो रही जांच
बच्चों का नियमित टीकाकरण सभी केंद्रों पर हो रहा है। डाटा फीडिंग में कैसे गड़बड़ी हुई इसकी जांच करा रहे हैं। दोबारा सही डाटा पोर्टल पर फीड कराया जा रहा है।
- अरुण श्रीवास्तव, सीएमओ
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