एटा पुलिस ने जिले के 636 अपराधियों को रडार पर लिया है। 2010 के बाद दर्ज मुकदमों को खंगालकर ऐसे अपराधियों को सूचीबद्ध किया गया है, जिन पर पांच से अधिक मामले दर्ज हैं। ऐसे टॉप मोस्ट अपराधियों की संख्या में कोतवाली नगर सबसे आगे है। मुकदमों को दर्ज कर पुलिस ने अपराधियों के ठिकानों पर पहुंचकर पड़ताल शुरू कर दी है।
अपराधियों पर नकेल कसने के लिए ऐसे लोगों का ब्योरा खंगाला गया जिन पर 2010 के बाद कोई आपराधिक केस दर्ज हुए हैं। ऐसे लोगों का पुराना इतिहास निकाला गया। जिन पर पांच से अधिक कुल मुकदमे दर्ज थे, उनको सूची में शामिल कर लिया गया। इस तरह थानावार सूची बनाई गई हैं। इसके साथ ही इन अपराधियों की वर्तमान स्थिति पता करने के लिए थाने के कांस्टेबल से लेकर क्षेत्र के सीओ तक को लगा दिया गया है।
खोली जाएगी हिस्ट्रीशीट
अलग-अलग थानों में दर्ज मुकदमे एक साथ सामने न आने के कारण कई लोगों को छोटा अपराधी समझ पुलिस ध्यान नहीं देती थी। अब जब सभी मुकदमे सामने आए हैं तो 20 से अधिक अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खुलना तय हो गई है।
यह है थानावार सूचीबद्ध अपराधियों की संख्या
कोतवाली नगर 74, मलावन 59, पिलुआ 57, मारहरा 48, अलीगंज 43, जलेसर 42, कोतवाली देहात 39, निधौली कलां 37, अवागढ़ 31, जैथरा 29, बागवाला 29, सकीट 28, नयागांव 26, रिजोर 25, जसरथपुर 23, मिरहची 18, राजा का रामपुर 16, सकरौली 12।
एसएसपी उदय शंकर सिंह ने बताया कि कई अपराधियों के मुकदमे सूचीबद्ध न होने की वजह से उनकी गंभीर आपराधिक प्रवृत्ति की सही जानकारी नहीं हो पाती थी। सूची बनने के बाद अपराधियों की समीक्षा, मूल्यांकन और कार्रवाई में आसानी होगी।