मैनपुरी। आज हम सभी दशहरा मनाएंगे। दशहरा बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। शुक्रवार पर पुतला दहन के साथ हर बार की तरह इस बार भी रावण का तो अंत हो जाएगा। हम सभी मिलकर दशहरा पर दस बुराइयों के अंत का संकल्प लें। कोई की हमारे समाज, शहर, गांव और कस्बे में लोग आज भी समस्याओं से जूझ रहे हैं। सड़क, बिजली, पानी, चिकित्सा, शिक्षा, सफाई आदि क्षेत्रों में आज भी कई बुराइयां हैं। अपराध और भ्रष्टाचार रूपी राक्षस भी हम सभी के लिए घातक है।
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भ्रष्टाचार से कब मिलेगी मुक्ति
सरकारी और गैर सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार व्याप्त है। भ्रष्टाचार रोकने के लिए शासन और प्रशासन तो अपने स्तर से समय-समय पर कार्रवाई कर रहे हैं। इसे रोकने की जिम्मेदारी हम सभी की है। हम सभी तय कर लें कि न रिश्वत लेंगे और न देंगे। हमारी यह सोच भ्रष्टाचार को खत्म कर सकती है।
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अपराध की प्रवृत्ति छोड़े
जिले में आए दिन सड़कों पर लूट और छिनैती की घटनाएं होती हैं। ऐसे में लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। लोग घर से बाहर निकलने से पहले अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। हालांकि पुलिस की कई व्यवस्थाएं हैं। लोगों को अपराध की प्रवृत्ति छोड़नी चाहिए।
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सुधरे ट्रैफिक लाइट की व्यवस्था
शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात को सुगम बनाने के लिए ट्रैफिक लाइट लगवाई गई हैं। पिछले छह महीने से ट्रैफिक लाइट खराब पड़ी हुई हैं। नतीजा चौराहों पर प्रतिदिन अव्यवस्था होती है और लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। पिछले छह महीने में कई बार लोग दुर्घटनाओं का शिकार भी हुए हैं। शहर की इस प्रमुख समस्या पर न तो जिला प्रशासन कोई ध्यान दे रहा है और न ही नगर पालिका प्रशासन। शहर के मोहल्ला अवधनगर निवासी प्रवीन अवस्थी का कहना है कि जब ट्रैफिक व्यवस्थ का यही हाल था तो क्यों लाखो रुपये खर्च कर लाइटें लगवाई गईं उनका कहना है कि ट्रेफिक लाइन ठींक हों तब असली दशानन का होगा अंत।
जाम की समस्या से मिले निजात
शहर और प्रमुख कस्बों में बढ़ती जाम की समस्या से सभी परेशान हैं। जिले की ट्रेफिक व्यवस्था किसी रावण से कम नहीं है। बाजार में आए दिन लगने वाले जाम में फंस गए तो एक घंटे तक बाहर निकलने को जूझते ही रहें। बढ़ते अतिक्रमण के कारण शहर के लेनगंज, सदर बाजार, करहल रोड, आगरा रोड यहां तक कि रोडवेज बस स्टैंड के सामने भी दिन में कई बार जाम के हालात बनते हैं और लोग पुलिस प्रशासन को कोसते रहते हैं। राजा का बाग निवासी ज्ञान कुमारी कहती हैं कि रावण रूपी जाम की समस्या से निजात मिलना जरूरी है।
पेयजल संकट दूर हो
शहर के लोगों को शुद्ध पानी के लिए सार्वजनिक हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है। पालिका प्रशासन द्वारा दिए जाने वाले पानी की शुद्धता की कोई गारंटी नहीं है। कही कीड़े तो कहीं से गंदा पानी आने की शिकायत मिलती है। पानी की टंकियों में लगे क्लोरीनेशन यंत्र शोपीस बनकर रह गए हैं। शहर के आधे हिस्से के लोग तो बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। देवी रोड निवासी मिलाप सिंह कहते हैं कि पेयजल समस्या दशानन से कम नहीं है। जब तक यह समस्या रहेगी रावण का अंत नहीं होगा।
शिक्षा में बंद हो नकल का खेल
जिले की शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल है। बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन बढ़ गया है। शासन के निर्देश के बाद भी बिना मान्यता के संचालित स्कूल बंद नहीं हो पाए। ये स्कूल बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। हाईस्कूल और इंटर में भले ही नकल पर नकेल कस गई हो लेकिन उच्च शिक्षा का आज भी बुरा हाल है। परीक्षा के दौरान बच्चों से मोटी रकम वसूली जा रही है। पढ़ाई के नाम पर अप्रशिक्षित शिक्षक शिक्षण कार्य कर रहे हैं। सरकारी शिक्षा की बात करें तो शिक्षक को पढ़ाने का समय ही नहीं दिया जा रहा है। शिक्षक जनगणना, मतदाता अभियान, अधिकारियों की बैठक, बाल गणना, पोलियो दिवस आदि में व्यस्त रहते हैं। पढ़ाई कब कराए। रठेरा निवासी जुगलकिशोर कहते हैं कि जब तक शिक्षा में सुधार नहीं होता तब तक रावण जिंदा ही रहेगा।
सरकारी अस्पतालों की सुधरें व्यवस्थाएं
जिले में स्वास्थ्य विभाग का बुरा हाल है। जिला अस्पताल हो या महिला अस्पताल डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को उचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। सीटी स्कैन मशीन है तो इसके लिए विशेषज्ञ नहीं है। पीएचसी और सीएचसी का तो और भी बुरा हाल है। कहीं दवाइयों का टोटा है तो कही डाक्टरों और फार्मासिस्टों का। देहात में तो डाक्टर जाना पसंद ही नहीं करते। निजी अस्पतालों में हर कोई इलाज करा नहीं सकता ऐसे में आम आदमी के स्वास्थ्य की डोर भगवान के हाथ ही है। समाज सेवी बादाम सिंह यादव कहते हैं कि जिले में डॉक्टरों की कमी की समस्या रावण से कम नहीं है। इससे निजात मिले तो रावण का खात्मा हो।
बिजली कटौती हो बंद
बिजली कटौती की समस्या जिले के लोगों के लिए किसी रावण से कम नहीं है। शहरी क्षेत्र में तो बिजली आपूर्ति की व्यवस्था ठीक है। लेकिन कस्बों और गांवों में हालत यह है कि पिछले कुछ दिनों से सात से आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। जिससे लोग परेशान हैं। यहां बिजली कब आएगी और कब चली जाएगी इसका लोगों को पता ही नहीं है। यहां तक नवरात्र पर भी जिले में बिजली कटौती रही। जिससे लोग परेशान रहे। नगला उदी निवासी अलकेश कहते हैं कि रावण रूपी बिजली की समस्या से आखिर कब निजात मिलेगी।
गंदगी और जलभराव से मिले निजात
नगर में जगह-जगह हुआ जलभराव और गंदगी नगर पालिका पर सवाल खड़े कर रहे हैं। संसाधनों के नाम पर प्रतिवर्ष लाखों खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन कई मोहल्ले आज भी ऐसे हैं जहां लोगों को गंदगी से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीण इलाके पर नजर डालें तो गांव-गांव सफाई कर्मचारियों की तैनाती है लेकिन अधिकतर गांव की नालियां बंद पड़ी हुई हैं। जिससे गलियों में पानी भर रहा है और सड़कें खराब हो रही हैं। शहर के मोहल्ला गंगा नगर निवासी गोविंद सिंह का कहना है कि शहर साफ सुथरा हो तभी दशहरा की सार्थकता साबित हो सकती है।
समस्याओं का हो निस्तारण
पुलिस थाने में रिपोर्ट तो दर्ज कर लेती है। लेकिन रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती है। अपराधी पुलिस से लेनदेन कर छूट जाते हैं। कुछ मामलों में समय से आरोपियों पर कार्रवाई न होने से उन्हें कोर्ट जाने का अवसर मिल जाता है और वे स्टे ले आते हैं। यदि पीड़ित को समय से न्याय मिले और अपराधी को दंड तभी रावण रूपी इस समस्या का अंत संभव है। देवीपुर निवासी तेज पाल सिंह बताते हैं कि लोगों की समस्याओं का समय से निस्तारण न हो पाना भी रावण का ही स्वरूप है।