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संवाद से ही मिटेगा शक: हाथों में लिए हाथ, फिर घर लौटे घर साथ, परिवार परामर्श केंद्र पर आठ जोड़ों में समझौता

Mon, 10 Jan 2022 08:23 AM IST
Abhishek Saxena संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर डॉ. अमित गौड़ केंद्र में आ रहे नए जोड़ों को मोहब्बत में धैर्य रखने की सलाह देते हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संवाद हुआ तो शक दूर हो गया। रूठे हुए मान गए। रविवार को परिवार परामर्श केंद्र में आठ जोड़ों की जिंदगी में खुशियां लौट आईं। हाथों में लिए हाथ, पति-पत्नी साथ-साथ घर गए। पांच मामलों में समझौता नहीं हो सका जबकि आठ मामलों में अगली तारीख दी गई है।
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रविवार को कड़ाके की ठंड के कारण कम मसले केंद्र पर पहुंचे। आठ मामलों में पति-पत्नी के बीच समझौता हो गया। पांच मामलों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। 20 मामलों में एक पक्ष के लोग ही पहुंचे थे। इन सहित अन्य आठ मामलों में अगली तारीख दे दी गई। 
केंद्र की प्रभारी कमर सुल्ताना ने बताया कि केंद्र पर पति-पत्नी के बीच शक के मामले सबसे अधिक आ रहे हैं। इसके बाद परिवार में सास, ननद और पति के साथ क्लेश के मामलों की संख्या अधिक है। पत्नी के मायके से बताई गई तारीख पर नहीं लौटने से लेकर अन्य छोटी बातों पर भी अनबन के मामले भी आते हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र के काउंसलरों की कोशिश ज्यादा से ज्यादा मामलों में सहमति बनाने की होती है। करीब 40 प्रतिशत मामलों में पति-पत्नी फिर साथ में आ जाते हैं। 
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केस-1: बात हुई तो शक दूर हो गया
मेरा शक पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। यह कहते हुए रागिनी (बदला हुआ नाम) की आंखों से आंसू छलक आए। उन्होंने बताया कि एक साल पहले कोरोनाकाल में दोनों के बीच शक उपजा था। घर पर रहकर मेरे पति सौरभ (बदला हुआ नाम) देर रात तक फोन पर बात करते थे। काउंसिलिंग में इस मुद्दे पर बात हुई तो शक दूर हो गया। मैं फिर से पति के साथ जाकर काफी खुश हूं।  
 
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केस-2: तीन महीनों बाद मिला सुकून 
पति राकेश कुमार पत्नी सुधा (बदले हुए नाम) के काफी दिनों से मायके से नहीं लौटने पर नाराज हो गए थे। बात इतनी बढ़ी कि दोनों को परामर्श केंद्र तक आना पड़ा। दो तारीखों के बाद मामले में रविवार को केंद्र के काउंसलरों ने समझौता करा दिया। राकेश का कहना था कि हम दोनों की गलतफहमियां दूर हो चुकी हैं। तीन महीने के बाद सुकून महसूस कर रहे हैं। 
छह महीने पुराने मामलों में एफआईआर
केंद्र पर पांच मसले ऐसे आए जिनमें लगातार काउंसिलिंग के बाद भी सहमति नहीं बनी। छह महीने तक पुराने इन मामलों में एफआईआर करा दी गई। काउंसलर ने बताया कि इन मामलों में छह तक काउंसिलिंग की जा चुकी थीं। समझौते की संभावना नहीं बनने पर रविवार को एफआईआर करा दी गई।
सलाह : संवाद से ही मिटेगा शक
. दंपती आपस की बात तीसरे से नहीं करें। 
. पति-पत्नी लगातार संवाद करते रहें। 
. शक को बातचीत से दूर करने की कोशिश करें। 
. परिवार के लोग बैठकर समस्या पर बात करें।
(जैसा कि परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलर डॉ. अनुज गौड़)
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