डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ अंजनी कुमार मिश्र को छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय का परीक्षा नियंत्रक बनाया गया है। यहीं परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. राजीव सिंह को महात्मा ज्योतिबा फुले विश्वविद्यालय रुहेलखंड बरेली का कुलसचिव नियुक्त किया है।
विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि एक जुलाई से इन अधिकारियों के कार्यभार संभालने की संभावना है। कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा विश्वविद्यालय से देर शाम कार्यमुक्त हो गए। प्रो. पीके सिंह को कार्यवाहक कुलसचिव बनाया गया है।
कुलसचिव-कुलपति में विवाद रहा सुर्खियों में
कुलसचिव डॉ. अंजनी कुमार मिश्र और कुलपति प्रो. अशोक मित्तल में विवाद सुर्खियों में रहा। कुलसचिव को एक साल से अधिक यहां हो गया, कुलपति ने कुलसचिव के प्रमुख कार्य अपने अधीन कर लिए थे, इस पर कुलसचिव अवकाश पर भी चले गए थे। इन्होंने पत्र के जरिये इसे गलत बताया था।
नए कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक के सामने बड़ी चुनौतियां
1.76 लाख छात्रों को प्रोन्नत करना
स्नातक प्रथम वर्ष, परास्नातक प्रथम वर्ष और विधि प्रथम वर्ष 1.76 लाख छात्र हैं, इनको कोरोना महामारी के कारण बिना परीक्षा के द्वितीय वर्ष में प्रोन्नत करना है। विश्वविद्यालय में अभी यह प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
2.60 लाख छात्रों की परीक्षा कराना
स्नातक-विधि की द्वितीय-तृतीय वर्ष और परास्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा करानी हैं। इनकी संख्या 2.60 लाख है। विश्वविद्यालय की ओर से जुलाई के मध्य में इनकी परीक्षा प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक कोई तैयारी नहीं हो पाई है।
लंबित अंकतालिकाएं और डिग्रियां
विश्वविद्यालय में अंकतालिकाओं की त्रुटि, डिग्री तैयार करना सबसे बड़ी चुनौती साबित होगी। यहां 30 हजार से अधिक अंकतालिकाएं और डिग्री लंबित हैं। विद्यार्थी के लगातार प्रार्थनापत्र देने पर भी समस्या हल नहीं हुई।
कार्यों के लिए तय की जाएगी समय सीमा
कुलसचिव संजीव कुमार सिंह का कहना है कि छात्र और विश्वविद्यालय संबंधी सभी कार्यों के लिए समय सीमा तय की जाएगी, जिससे उनका निस्तारण समय पर हो सके। छात्र और विश्वविद्यालय के विकास के लिए सभी के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा।
परीक्षाएं, लंबित अंकतालिकाएं-डिग्री प्राथमिकता में
परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव का कहना है कि परीक्षाएं समय पर कराने के साथ लंबित अंकतालिकाएं और डिग्री का निस्तारण उनकी प्राथमिकता में है। आते ही लंबित मामलों की सूची बनाकर इनका तय समय में निस्तारण कराया जाएगा।