युवतियों को ठगी की ट्रेनिंग देती थी इंजीनियर
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शादी कराने के नाम पर सैंकड़ों युवकों से ठगी करने के चारों आरोपियों को पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट के सामने पेश किया। यहां से चारों को जेल भेज दिया गया। इससे पूर्व उनसे की गई पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। उन्होंने बताया कि इंजीनियर प्रतिमा द्विवेदी ने कई युवतियों को ठगी की ट्रेनिंग दी थी। वह उन्हें बताती थी कि युवकों से फोन पर कैसे बात करनी है ? उन्हें बैंक एकाउंट में पैसे जमा कराने के लिए कैसे राजी करना है। कई युवकों से तो 15 से 20 हजार रुपये तक ठगे गए थे ।
पुलिस ने बताया कि माय पार्टनर इंडिया डॉट कॉम नाम की वेबसाइट बनाकर ठगी करने का यह आइडिया प्रतिमा द्विवेदी का ही था। वह छत्तीसगढ़ के रायपुर की रहने वाली है। उसने ही वेबसाइट तैयार की। इसके बाद खंदारी के व्हाइट हाउस जवाहर नगर में आफिस खोला। यहंा युवक और युवतियां भर्ती किए गए। प्रतिमा ने वेबसाइट पर ज्यादातर फोटो छत्तीसगढ़ की युवतियों के डाले।
ये उसके आस पड़ोस की मानी जा रही हैं। एक एक युवती के कई कई फोटो अलग अलग नाम से अपलोड किए गए।
बता दें, पुलिस ने रायपुर का बैस , चांपा का राजकुमार और बिलायीगढ़ के अमित को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके एकाउंट चेक किए तो उनमें कोई रकम नहीं मिली। पैसा आते ही निकाल लिया जाता था।
--। ऐसे फंसाते थे जाल में
वेबसाइट पर किसी का आवेदन आते ही उसमें दिए गए मोबाइल नंबर पर फोन किया जाता था। उससे कहा जाता था कि तुम्हारा प्रोफाइल तुम्हारी पसंद की गई युवती को भेज दिया गया है। इसके बाद गैंग की एक सदस्य फोन करके कहती थी कि वह वही युवती है जिसे उसने पसंद किया है। युवक को बताया जाता कि वह उसे पसंद है। जल्दी से रजिस्ट्रेशन करा ले ताकि मैरिज ब्यूरो वाले शादी पक्की करा दें। इस पर युवक रजिस्ट्रेशन के नाम पर वेबसाइट पर दिए गए एकाउंट में पांच हजार रुपये जमा करा देता। इसके तुरंत बाद वह फोन नंबर बंद हो जाते, जिनसे युवतियों ने बात की थी।