विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह का कहना है कि जिन सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं हो रहे हैं, आगामी सत्र में उनके संचालन पर विचार किया जाएगा।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर के संस्थानों व विभागों में संचालित जिन सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में प्रवेश सीटों के अनुपात में 50 फीसदी से कम हैं या फिर प्रवेश हुए नहीं हैं, आगामी सत्र से उनका संचालन मुश्किल है। पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन लिए जाने से पहले उसके संचालन का औचित्य देखा जाएगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कमेटी बनाई गई है।
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ललित कला संस्थान में संचालित अधिकतर डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में दो सत्रों से प्रवेश की स्थिति खराब है। मूर्तिकला के डिप्लोमा में 60 सीटें हैं, गत सत्र में एक प्रवेश हुआ था। इस बार भी एक प्रवेश हुआ है। डिप्लोमा इन परफार्मिंग आर्ट (कथक, ओडिसी डांस व थिएटर) में दो सत्रों से एक भी प्रवेश नहीं हुआ है। यही स्थिति डिप्लोमा इन फैशन डिजाइनिंग की है।
इन पाठ्यक्रमों के सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में भी दो सत्रों से प्रवेश नहीं हो रहे हैं। पाठ्यक्रमों में 60-60 सीटें हैं। बीएफए परफार्मिंग आर्ट में भी दो सत्रों से प्रवेश नहीं हुए हैं। इसमें 60 सीट है। बीएफए विजुअल आर्ट में गत सत्र में दो प्रवेश हुए थे, इस बार संख्या शून्य है। इसमें भी 60 सीट है। डिप्लोमा इन म्यूजिक व फोटोग्राफी में इस बार एक-एक प्रवेश हुए हैं। दोनों में 60-60 सीटें हैं।
दाऊदयाल व्यावसायिक शिक्षण संस्थान के पीजी डिप्लोमा इन इलेक्ट्रानिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटशन व कंप्यूटर मैनेजमेंट भी 60-60 सीटें हैं, प्रवेश एक भी नहीं हुए हैं। केएमआई के जर्मन व रशियन पाठ्यक्रमों में क्रमश: 3 व चार प्रवेश हुए हैं। सीटें 60-60 हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह का कहना है कि जिन सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में प्रवेश नहीं हो रहे हैं, आगामी सत्र में उनके संचालन पर विचार किया जाएगा। इसके लिए एकेडमिक कमेटी बनाई गई है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।