कोविड, नॉन-कोविड दोनों शामिल
- रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण ने दस्तक दी। मार्च से अप्रैल 2021 तक 5479 लोगों की मृत्यु का पंजीकरण हुआ। जिनमें 3801 पुरुष और 1678 महिलाओं ने दम तोड़ा। जिनमें कोविड व नॉन कोविड दोनों शामिल हैं।
गर्भ में मर गए 710 नवजात
- वर्ष 2020 में 710 नवजात मां के गर्भ में मर गए। इनकी मृत्यु कैसे हुई ये अभी स्पष्ट नहीं है। इनके अलावा 100 ऐसे बच्चे हैं जिनकी मृत्यु जन्म के एक साल की समय अवधि में हो गई। ये वह संख्या है जिनका पंजीकरण हुआ। वास्तविक स्थिति की जांच के लिए प्रशासन ने ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, आंगनबाड़ी, आशा व एएनएम कर्मियों को सूचनाएं संकलित करने के निर्देश दिए हैं।
7230 बच्चों का हुआ जन्म
- मार्च 2020 से अप्रैल 2021 तक जिले में 15 ब्लॉक की 690 ग्राम पंचायतों में 7230 बच्चों का जन्म पंजीकरण हुआ है। जिनमें 3837 बालक शिशु और 3393 बालिका शिशु शामिल हैं। 7230 बच्चों के पंजीकरण के सापेक्ष जिले में 5320 बच्चों के ही जन्म प्रमाण पत्र जारी हुए हैं।
कहां हुई गड़बड़ी, करवा रहे हैं जांच
- 690 ग्राम पंचायत हैं। जिनमें 858 गांव में पंजीकरण की सुविधा है। 317 गांव में पिछले पांच महीने से कोई मृत्यु पंजीकृत नहीं की गई है। कहां गड़बड़ी हुई है। इसकी जांच करवा रहे हैं। सभी जन्म व मृत्यु की घटनाओं का सत्यापन कराया जा रहा है। - नीतेश भोंडेले, जिला पंचायत राज अधिकारी
सौ प्रतिशत पंजीकरण अनिवार्य
जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं का 100% पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद ही प्रमाण पत्र जारी हो सकता है। मृत्यु पंजीकरण की खराब स्थिति को लेकर जांच के निर्देश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। - प्रभु एन सिंह, जिलाधिकारी
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