आगरा में दो दिन बाद गुरुवार को एक और नया कोरोना संक्रमित मिला है। वहीं एक मरीज ठीक भी हुआ है। जिले में अब सात सक्रिय मरीज हैं। कोई भी मरीज अस्पताल में भर्ती नहीं है। सभी सात सक्रिय मरीज होम आईसोलेशन में उपचाराधीन हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब की नोडल प्रभारी डॉ. आरती अग्रवाल ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के ईटा, लोटा, कप्पा, लैम्ब्ड, अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा और डेल्टा प्लस का खतरा बताया है। संगठन ने इसे वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट का नाम दिया है।
इसमें से आगरा में कोरोना वायरस का कप्पा वैरिएंट का एक और डेल्टा वैरिएंट के 17 मरीज मिल चुके है। दक्षिण अफ्रीका वैरिएंट और अज्ञात वैरिएंट के भी एक-एक मरीज मिले हैं। अप्रैल-मई में वायरस की दूसरी लहर में डेल्टा का कहर लोग देख चुके हैं, ऐसे में लोग पूरी तरह से सावधानी बरतें।
विदेशी पर्यटकों से खतरा अधिक
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जिन वैरिएंट का तीसरी लहर में बताया है, उससे आगरा को अधिक खतरा है। यहां एतिहासिक स्मारक हैं और इसे निहारने के लिए विदेशी पर्यटक भी आ रहे हैं। ऐसे में इनसे कोरोना वायरस के विभिन्न वैरिएंट का होने का खतरा बना हुआ है।