मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गीता की पुस्तक भेंट करते हुए वृंदावन के संत :
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16 फरवरी से शुरू होने जा रहे वृंदावन कुंभ बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को निमंत्रण देने के लिए वृंदावन के संत लखनऊ पहुंचे। संतों के निमंत्रण को सहज स्वीकारते हुए मुख्यमंत्री बोले, हम वृंदावन जरूर आएंगे। उन्होंने संत समागम के नाम को लेकर भी संतों की चिंता से सहमति जताते हुए भरोसा दिलाया कि अब इस धार्मिक आयोजन को वृंदावन वैष्णव कुंभ बैठक के नाम से ही जाना जाएगा।
शुक्रवार को वृंदावन कुंभ मेला बैठक से जुड़े प्रमुख संतों का सात सदस्यीय दल लखनऊ पहुंचा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शाम सवा पांच बजे संतों की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री ने सभी संतों का स्वागत करते हुए शॉल ओढ़ाई और अयोध्या में प्रकाशित गीता की एक-एक प्रति भी भेंट की।
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इस दौरान विभिन्न धार्मिक पहलुओं पर चर्चा के दौरान संतों ने मुख्यमंत्री योगी को वृंदावन कुंभ में आने का निमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने सहज स्वीकार लिया। इसके बाद संतों ने संत समागम नाम को लेकर चिंता जताई तो उस पर भी मुख्यमंत्री ने परंपरागत नाम पर सहमति दी। संतों ने मेला क्षेत्र की जमीन को संरक्षित करने की अपील मुख्यमंत्री से की, जिससे भविष्य में उक्त स्थल अवैध कब्जों का शिकार न हो सके। मुख्यमंत्री ने इस पर अमल के निर्देश जारी किए है।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत सुंदर दास, महंत लाड़ली शरण दास, महंत फूलडोल बिहारी दास, महंत हरिशंकर दास नागा, महंत रामस्वरूप ब्रह्मचारी, महंत मनमोहन दास से ब्रज के विकास पर भी उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र की मौजूदगी में चर्चा की गई।
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