भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में छाता विधानसभा पर भाजपा प्रत्याशी चौधरी लक्ष्मीनारायण ने वर्षों पुराने उस रिकार्ड को तोड़ दिया है, जिसमें किसी भी दल के प्रत्याशी को दोबारा जीतने का मौका मिला हो। चौधरी लक्ष्मीनारायण ने इस विधानसभा से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है।
छाता विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी चौधरी लक्ष्मीनारायण ने लगातार दूसरी बार जीतकर इतिहास रच डाला। करीब 49 हजार वोटों से जीते कैबिनेट मंत्री ने भाजपा नेतृत्व के विश्वास को कायम रखा और भाजपा की झोली में दोबारा सीट जिताकर डाल दी।
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लगभग पिछले दो दशक से कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण और पूर्व मंत्री ठा. तेजपाल सिंह एक-दूसरे को मात देकर छाता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुनते रहे। हालांकि पिछली बार साल 2017 में जरूर पूर्व मंत्री तेजपाल सिंह खुद मैदान में नहीं उतरे, पर उन्होंने अपने पुत्र अतुल सिसौदिया को मैदान में उतारा था, पर कैबिनेट मंत्री ने उनको हराकर जीत दर्ज की।
कांटे का था मुकाबला
इस बार पूर्व मंत्री ठा. तेजपाल सिंह और कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण के मध्य मुकाबला हुआ। मतगणना में शुरू से बढ़त बनाए रहे कैबिनेट मंत्री ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार वोटों की बढ़त बनाते हुए कैबिनेट मंत्री ने दोबारा छाता विधानसभा क्षेत्र से जीतकर इतिहास रच डाला। करीब 49 हजार से जीतकर पूर्व मंत्री को मात देकर कैबिनेट मंत्री ने इतिहास रच डाला। अबकी बार छाता की जनता ने चौधरी लक्ष्मीनारायण को दोबारा जिताकर विधानसभा भेजा है।
कभी तेजपाल तो कभी लक्ष्मीनारायण जीते
छाता विधानसभा क्षेत्र में खास बात यह है कि पिछले 20 साल का आंकड़ा देखें तो कभी चौधरी लक्ष्मीनारायण जीते, तो कभी ठाकुर तेजपाल सिंह ने बाजी मारी। कोई भी लगातार जीत हासिल नहीं कर पाया, लेकिन 2022 के चुनाव में लक्ष्मीनारायण ने जीत दर्ज करके पुराने आंकड़ों को तोड़ दिया है।