केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम को तैयार करने के लिए बनाए गए फार्मूले पर शहर में स्थित स्कूलों के प्रधानाचार्यों व संचालकों की मिली जुली प्रतिक्रिया है। कुछ ने फार्मूले को कोरोना संक्रमण काल को देखते हुए व्यावहारिक व उचित तो कुछ ने अनुचित बताया है।
सीबीएसई के शहर समन्वयक रामानंद चौहान का कहना है कि जिले में 12वीं की परीक्षा में 11660 विद्यार्थी पंजीकृत थे। प्रोन्नति प्रदान किए जाने के बाद से यह परीक्षा परिणाम आने का इंतजार कर रहे हैं। बोर्ड की ओर से कक्षा 12वीं के परिणाम तैयार करने के लिए बनाया गया फार्मूला उचित है। कक्षा दसवीं से भी 30 फीसदी अंक लेने का निर्णय भी ठीक है। इससे विद्यार्थियों के परिश्रम का सही मूल्यांकन करने में मदद मिलेगी। एमएस पब्लिक स्कूल के निदेशक राजपाल सोलंकी का कहना है कि निर्णय छात्रों के हित में है। वर्तमान परिस्थितियों में परीक्षा का आयोजन उचित नहीं था।
संतुष्टि के लिए परीक्षा का विकल्प भी
नप्सा के अध्यक्ष संजय तोमर का कहना है कि कक्षा 12वीं का परिणाम तैयार करने के लिए बोर्ड ने जो फार्मूला बनाया है, वह आसान है। इससे परिणाम तैयार करने में कठिनाई नहीं होगी। जो विद्यार्थी परिणाम से संतुष्ट नहीं होंगे, उनके लिए बोर्ड ने परिस्थितियां सामान्य होने पर परीक्षा में शामिल होने का विकल्प भी दिया है।