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बेगम के सिर में दर्द था और मिर्जा खेल रहे थे शतरंज

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आगरा। एक दिन बेगम साहिबा के सिर में दर्द होने लगा। उन्होंने लड़की से कहा ‘जाकर मिर्जा साहब को बुला लो। किसी हकीम के यहां से दवा लाएं। दौड़, जल्दी कर’। लड़की गई तो मिर्जा ने कहा ‘चल, अभी आते है।’ बेगम का मिजाज गर्म था। इतनी ताब कहां कि उनके सिर में दर्द हो और पति शतरंज खेलता रहे। चेहरा सुर्ख हो गया। लड़की से कहा ‘जाकर कह, अभी चलिए नहीं तो वह अपने आप ही हकीम के यहां चली जाएंगी।’ कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की कृति शतरंज के खिलाड़ी को वाचिका मन्नू शर्मा ने जीवंत कर दिया। निर्देशक अनिल शुक्ल ने बारीकी से पूरी कथा को मंच के लिए बुना था।
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मौका था मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि के अवसर पर रंगलीला की ओर से आयोजित स्मरण प्रेमचंद-21 समारोह का। होटल ग्रांड में आयोजित कार्यक्रम में क्यों जरूरी हैं प्रेमचंद आज भी विषय पर संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। प्रो. रामवीर सिंह ने कहा कि प्रेमचंद का लेखन किसान, दलित, महिलाओं की समस्याओं से जुड़ा हुआ था। सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने कहा कि प्रेमचंद ने अपना साहित्य किताबें पढ़कर नहीं लिखा, चरित्रों से प्रेरित होकर लिखा। कार्यक्रम का संचालन डीईआई के प्रोफेसर प्रेमशंकर ने किया। अनिल शुक्ल ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम में राजीव पाल, रानी सरोज गौरिहार, डॉ. ब्रजराज सिंह, डॉ. एसके पांडेय, डॉ. नसरीन बेगम, डॉ. ज्योत्सना रघुवंशी, भावना रघुवंशी, बसंत रावत, डॉ. महेश धाकड़ आदि मौजूद रहे। संयोजन प्रेमकुमारी शर्मा स्मृति समारोह समिति का है।
मुंशी प्रेमचंद अपनी रचनाओं के माध्यम से जो बौद्धिक साहस प्रस्तुत करते हैं, उससे पाठक चकित हो जाते है। प्रेमचंद की प्रासंगिकता पहले से आज कहीं ज्यादा है। - प्रो. अपूर्वानंद, दिल्ली विवि के प्रोफेसर
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प्रेमचंद के समय जो समस्याएं थीं, वे आज भी विद्यमान हैं। सांप्रदायिकता तब भी थी और आज भी है। अब यह स्थिति और गंभीर होती जा रही है। - गीतांजलि श्री, वरिष्ठ कथाकार
प्रेमचंद और भगत सिंह ही ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्हें लेकर कोई विवाद नहीं है। प्रेमचंद जनता से जुड़े साहित्यकार थे। आमजन की बात करते थे। - अरुण डंग, कार्यक्रम अध्यक्ष
प्रेमचंद आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने कई दशकों पहले थे। शहर के लोगों ने मुंशीजी को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया। उनकी कृति का मंचन किया गया। - अनिल शुक्ल, निर्देशक (रंगलीला)
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