करहल विधानसभा क्षेत्र को समाजवादियों का गढ़ माना जाता है। 1957 में करहल को सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र बनाया गया। 1974 में करहल सामान्य विधानसभा क्षेत्र घोषित किया गया। 1995 में करहल सीट से सपा ने पहली बार बाबूराम यादव को चुनाव लड़ाया था। वह लगातार तीन बार विधायक रहे हैं।
वर्ष 2002 में भाजपा के सोबरन सिंह यादव चुनाव जीते। 2007 में वह सपा के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते। अब तक तीन बार सपा की टिकट पर सोबरन सिंह यादव ही चुनाव जीते हैं। वर्तमान सपा विधायक ने खुद अखिलेश यादव से करहल से चुनाव लड़ने का आग्रह भी किया था।
तीन सीटों पर मैनपुरी में काबिज है सपा
मैनपुरी में कुल चार विधानसभा सीटें हैं, इसमें मैनपुरी, भोगांव, किशनी और करहल शामिल हैं। वर्तमान में भोगांव को छोड़कर तीन पर सपा काबिज हैं। वहीं भोगांव सीट बीते चुनाव में भाजपा के खाते में चली गई थी। इससे पहले ये सीट लगातार पांच बार सपा के खाते में रह चुकी है। ऐसे में ये सीटी भी वापस पाने के लिए सपा इस बार पुरजोर कोशिश करेगी।