हत्यारोपी संतोष और वीरू
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रेखा ने दो लाख रुपये दिए थे उधार
रेखा ने संतोष को दो लाख उधार दिए थे। इसके अलावा भी बीच-बीच में 10 से 15 हजार भी संतोष ले चुका था। अब रेखा को रुपयों की जरूरत थी। उसने अपनी एक्टिवा भी बेचने के लिए संतोष को दी। वह अपना मकान बेचना चाह रही थी।
रेखा संतोष से भी रुपयों को लेकर तगादा कर रही थी। मगर, संतोष पर पहले से ही कर्ज था कई और लोग उससे तगादा कर रहे थे। वह कर्ज नहीं चुका पा रहा था। संतोष को लगा कि रेखा के घर में चार से पांच लाख रुपये हैं।
इन रुपयों को लूटने से उसका कर्ज दूर हो जाएगा। रेखा भी रास्ते से हट जाएगी। घटना वाले दिन संतोष अपने साथी वीरू और एक अन्य के साथ आया था। अपने साथियों को मकान दिखाने के बहाने अंदर प्रवेश कराया। लगभग चार घंटे तक रुके।
बच्चों को दूध में नींद की गोलियां खिलाईं
इस दौरान रेखा और उसके बच्चों को दूध में नींद की गोलियां खिलाकर पिला दी। इसके बाद रेखा से रकम के बारे में पूछताछ की। उन्होंने चाकू और कैंची से पहले रेखा को मारा। फिर वंश की हत्या की। बाद में पारस और माही की हत्या कर दी।
मां और बच्चों की हत्या के बाद तीनों आरोपी फरार हो गए। एक्टिवा को लेकर ही कई जगह गए भी थे। इसके बाद वापस आए तब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों से कुछ रकम और जेवरात बरामद किए हैं। एक्टिवा भी मिल गई।