मोहल्ले की दुकान से लेकर होलसेल शॉप के दरवाजे पर भी दस्तक दे रहे हैं। अपनी जान-पहचान के एमआर से संपर्क कर कुछ डिस्काउंट में भी माल प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। मांग इतनी अधिक हो गई है कि इन दिनों सप्लाई भी पूरी नहीं पड़ रही।
नए उत्पादों की पूरी रेंज
मच्छर मारने की परंपरागत मॉस्कीटो कॉयल, क्रीम व लिक्विड के अलावा बाजार में हर्बल अगरबत्तियां, स्टिक, स्प्रे, फैब्रिक रोल ऑन की मांग बहुत है। बच्चों के लिए कार्टून करेक्टर वाले उत्पाद भी कंपनियों ने बाजार में उतार दिए हैं।
तीन करोड़ सालाना नगर निगम का खर्चा
नगर निगम के आंकड़ों की बात करें तो फॉगिंग पर प्रतिदिन 8.65 लाख रुपये का खर्चा होता है। जिसमें सिर्फ 21 हजार रुपये की दवा और 8.44 लाख रुपये का डीजल शामिल है। महीने में करीब 26 लाख रुपये और साल का डीजल और दवा का खर्चा मिला कर 3.12 करोड़ रुपये का बजट खर्च होता है।
बहुत ज्यादा है मांग
आगरा फार्मा एसोसिएशन के संरक्षक शशि शंकर शर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार मच्छर मारने के सभी उत्पादों की मांग बहुत अधिक है। थोक की दुकानों पर भी माल की कमी बनी हुई है। कंपनियों से भी लगातार संपर्क में हैं।