बरामद सामान का वजन करीब 1.50 कुंतल और कीमत करीब 13880 रुपये है। इसे नष्ट कराते हुए जांच नोटिस दिया है। चिली सॉस, सोयाबीन सॉस, सब्जी सॉस, सिरका और सिंथेटिक रंग का नमूना लिया है। कार्रवाई के दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम आशीष मौर्य रहे।
ढकेल और दुकानों पर करता था आपूर्ति
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजित सिंह ने बताया कि फैक्टरी संचालक ने बताया कि फास्ट फूड की ढकेल और रेस्टोरेंट पर सॉस की बिक्री अधिक है। 650 ग्राम की बोतल 10 रुपये में बेचते थे, जबकि इसकी लागत करीब तीन से पांच रुपये आती है।
पेट में अल्सर, किडनी पर ज्यादा असर
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निखिल चतुर्वेदी ने बताया कि बच्चे फास्ट फूड के ज्यादा शौकीन हैं। सिंथेटिक रंग से पेट में अल्सर, किडनी में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। लंबे समय तक मिलावटी सॉस से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित होती है।
मिलावटी सॉस की ऐसे करें पहचान:
- मिलावटी सॉस में खट़्टापन अधिक होगा
- सॉस में चिथरे-चिथरे से मिलेंगे।
- इसका रंग चटक लाल या हरा होगा
- खाने में यह सॉस तीखी लगेगी
जैसा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवधेश पाराशर ने बताया