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आगरा: मिलावटी सॉस बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़, सिंथेटिक रंग मिलाकर किया जा रहा था तैयार

Tue, 14 Sep 2021 10:09 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

आगरा में नकली और मिलावटखोरी का धंधा थम नहीं रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने अब मिलावटी सॉस बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। यहां स्टार्च में सिंथेटिक रंग और केमिकल मिलाकर सॉस बनाई जा रही थी। मौके पर मिली डेढ़ क्विंटल सॉस नष्ट कराई है। 
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जांच करते एफएसडीए के अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने मंगलवार को हनुमान नगर रामबाग में छापा मारकर नकली सॉस बनाने की फैक्टरी पकड़ी। यहां स्टार्च में सिंथेटिक रंग और एसेंस मिलाकर सॉस बनाया जा रहा था। टीम ने डेढ़ क्विंटल सॉस नष्ट कराते हुए जांच के लिए पांच नमूने लिए हैं।

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जिला अभिहित अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस के साथ फैक्टरी पर छापा मारा। फैक्टरी का लाइसेंस मनोहर लाल के नाम से है। मौके पर मिले लाइसेंसधारक के पौत्र रवि बंसल सॉस बनाने का कारोबार करते हैं। टीम को मौके पर गंदगी पसरी मिली। 

ऐसे बनाया जा रहा था मिलावटी सॉस
कर्मचारी सिंथेटिक हरे, लाल रंग और सिरका को स्टार्च में मिलाकर सॉस बना रहे थे। चिली सॉस को तीखा करने के लिए एसेंस मिलाया जा रहा था। बिक्री के लिए इनको पाउच और बोतलों में भर रहे थे। निरीक्षण में 10 पेटी सोयाबीन सॉस, पांच पेटी सिंथेटिक सिरका, 41 पेटी सब्जी सॉस, 40 पेटी चिली सॉस और सिंथेटिक रंग मिले। 

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बरामद सामान का वजन करीब 1.50 कुंतल और कीमत करीब 13880 रुपये है। इसे नष्ट कराते हुए जांच नोटिस दिया है। चिली सॉस, सोयाबीन सॉस, सब्जी सॉस, सिरका और सिंथेटिक रंग का नमूना लिया है। कार्रवाई के दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राम आशीष मौर्य रहे।

ढकेल और दुकानों पर करता था आपूर्ति
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अजित सिंह ने बताया कि फैक्टरी संचालक ने बताया कि फास्ट फूड की ढकेल और रेस्टोरेंट पर सॉस की बिक्री अधिक है। 650 ग्राम की बोतल 10 रुपये में बेचते थे, जबकि इसकी लागत करीब तीन से पांच रुपये आती है। 

पेट में अल्सर, किडनी पर ज्यादा असर
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निखिल चतुर्वेदी ने बताया कि बच्चे फास्ट फूड के ज्यादा शौकीन हैं। सिंथेटिक रंग से पेट में अल्सर, किडनी में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। लंबे समय तक मिलावटी सॉस से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित होती है।

मिलावटी सॉस की ऐसे करें पहचान: 
- मिलावटी सॉस में खट़्टापन अधिक होगा
- सॉस में चिथरे-चिथरे से मिलेंगे। 
- इसका रंग चटक लाल या हरा होगा
- खाने में यह सॉस तीखी लगेगी
जैसा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवधेश पाराशर ने बताया
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