एडीओ पंचायत की गाड़ी साफ करता सफाईकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में गांवों में भले ही गंदगी फैली हो, लेकिन साहब! लग्जरी गाड़ी चमकनी चाहिए। सफाईकर्मी तैनाती क्षेत्र में काम करने नहीं पहुंचते, लेकिन वेतन समय पर आ जाता है। इसकी मुख्य कारण यही है कि वह जनता की नहीं साहब की गंदगी साफ करने में जुटा है। इसका वीडियो भी सामने आया है।
सफाईकर्मी एडीओ पंचायत की लग्जरी गाड़ी कर रहा साफ
मामला अकोला ब्लॉक क्षेत्र का है। यहां शनिवार को एक वीडियो सामने आया है। इसमें एक सफाईकर्मी ड्यूटी टाइम पर एडीओ पंचायत शैलेंद्र सोलंकी की लग्जरी गाड़ी को साफ करते दिख रहा है। उससे ड्यूटी पर तैनाती क्षेत्र में न जाने का कारण पूछा गया तो वह कुछ जवाब नहीं दे पाया।
ग्रामीणों की मानें तो गांवों में सफाईकर्मी तैनात तो हैं, लेकिन वह कभी सफाई के लिए आते नहीं। नतीजतन नालियां चोक रहती हैं। गंदा पानी भरा रहता है। इस कारण भयानक बीमारियां जन्म लेती हैं। लेकिन शिकायत के बाद भी कोई जिम्मेदार इस तरफ ध्यान नहीं देता।
अधिकारियों की सेवा में जुटे सफाईकर्मी
शनिवार को वीडियो सामने आने के बाद इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि आखिर कोई भी अधिकारी गांवों में सफाईकर्मियों के ड्यूटी पर न जाने पर गंभीर क्यों नहीं है। साफ है कि कर्मी नियुक्त तो आमजन के लिए हैं, लेकिन अधिकारियों की सेवा करके पगार रूपी मेवा खा रहे हैं, वह भी बिना अपनी ड्यूटी निभाए।