कुलपति ने बताया कि सत्र 2025-26 से स्नातक और परास्नातक की प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट https://dbrauadm.samarth.edu.in पर पंजीकरण करने और समर्थ आइडी से समर्थ वेब पंजीकरण का फाॅर्म भरना होगा। इसमें छात्र का ब्योरा दर्ज हो जाएगा। इससे बाद ही छात्र आवासीय संस्थान और काॅलेजों में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकेंगे। छात्र के प्रवेश लेते ही विश्वविद्यालय के पास ब्योरा आ जाएगा। इस बार परीक्षा फॉर्म भी समर्थ पोर्टल से भरे जाएंगे।
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डीन एकेडमिक प्रो. मनु प्रताप ने बताया कि समर्थ वेब पंजीकरण की व्यवस्था आईईटी के छात्रों ने तैयार की है। यह पूरी तरह स्टूडेंट फ्रेंडली है। पंजीकरण के बाद 400 रुपये का ऑनलाइन शुल्क जमा करना होगा। इससे छात्र को समर्थ रजिस्ट्रेशन नंबर (एसआरएन) मिल जाएगा। एसआरएन से छात्र बीए, बीएससी, बीकाम और संबंधित पाठ्यक्रम में आवासीय संस्थान और काॅलेज का विकल्प चुनेंगे। वह एकसाथ आवासीय संस्थानों और कई काॅलेजों का चयन कर सकते हैं। छात्र जिस कॉलेज में प्रवेश लेना चाहता है, समर्थ वेब पंजीकरण की स्लिप से वहां आवेदन करेगा। काॅलेज मेरिट और परीक्षा के आधार पर छात्रों को प्रवेश देंगे। प्रवेश देने से पहले छात्र की सहमति ली जाएगी। काॅलेज की ओर से छात्र की समर्थ वेब पंजीकरण में दर्ज की गई ईमेल आईडी पर ओटीपी भेजा जाएगा, इस ओटीपी को दर्ज करने पर ही कॉलेज छात्र के प्रवेश आवेदन को दाखिल कर सकेंगे। इसकी जानकारी विश्वविद्यालय को भी मिल जाएगी कि छात्र ने किस काॅलेज में प्रवेश लिया है।
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उन्होंने बताया कि इस बार छात्रों को प्रवेश लेने के बाद काॅलेज बदलने का भी विकल्प दिया गया है। छात्र डिग्री और डिप्लोमा कोर्स एकसाथ कर सकेंगे। छात्र 15 दिन में प्रार्थनापत्र देकर प्रवेश रद्द कर सकते हैं। 15 दिन में प्रवेश रद्द कराने पर काॅलेज 90 प्रतिशत शुल्क वापस करेंगे और एक महीने में प्रवेश रद्द करने पर 70 प्रतिशत शुल्क वापस होगा। प्रवेश रद्द कराने के बाद छात्र दूसरे काॅलेज में प्रवेश ले सकेगा। इस दौरान परीक्षा नियंत्रक डाॅ. ओम प्रकाश, प्रो. भूपेंद्र स्वरूप शर्मा, प्रो. शरद चंद्र उपाध्याय, प्रो. संजय चौधरी, पूजा सक्सेना मौजूद रहीं।
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काॅलेज के स्तर से हो जाएंगे संशोधन
काॅलेजों में प्रवेश के बाद छात्र अपने नाम और जन्मतिथि में संशोधन कराने के लिए भटकते हैं लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। काॅलेज एडमिन को छात्र के नाम और जन्मतिथि में संशोधन करने का विकल्प दिया गया है। यह संशोधन कभी भी कराया जा सकेगा। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और आधार में दर्ज जन्मतिथि में अंतर होने पर काॅलेज से भी छात्र को सूचना दे दी जाएगी, जिससे वह संशोधन करा सकेगा।
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