नंदगांव के नंदबाबा मंदिर परिसर में नमाज अदा करने के आरोपी फैसल खान को जिला कारागार से गुरुवार की सुबह रिहा कर दिया गया। हाईकोर्ट ने पिछले दिनों उसे जमानत दे दी थी। जेल से रिहा होने के बाद फैसल ने कहा कि मोहब्बत का कोई धर्म नहीं होता।
नंदगांव के नंदबाबा मंदिर परिसर में 29 अक्तूबर को फैसल खान और उसके साथी चांद मोहम्मद ने नमाज अदा की थी। एक नवंबर को इस मामले में बरसाना थाने में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। दोनों पर बिना पुजारी की सहमति के नमाज पढ़ने और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल करने का आरोप लगा था।
आरोप था कि ऐसा हिन्दुओं की आस्था को अपमानित करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की नीयत से किया गया। दिल्ली निवासी फैसल और बिहार निवासी चांद मोहम्मद खुदाई खिदमतगार संस्था के सदस्य हैं।