आगरा। ताजमहल का सौंदर्य निहारने पहुंचने वाले भारतीय पर्यटकों का मारे गर्मी के बुरा हाल है। पत्थर के जलने से उनके पांवों में छाले पड़ जा रहे हैं। एएसआई ने पिछले साल जुलाई में भारतीय पर्यटकों को नि:शुल्क शू कवर देने की व्यवस्था शुरू की थी, लेकिन कुछ माह बाद ही यह दम तोड़ गई।
पारा 44 तक पहुंच चुका है। ऐसे में ताज का संगरमर तवे की तरह जलने लगा है। इन दिनों ताज पर विदेशी पर्यटकों की संख्या तो इक्का दुक्का ही है, लेकिन काफी संख्या में दक्षिण भारतीय पर्यटक पहुंच रहे हैं। मुख्य गुंबद पर पहुंचते ही गर्मी के मारे उनका बुरा हाल हो जाता है। मुख्य गुंबद के फर्श के कुछ हिस्से में मैट बिछी है, लेकिन अधिकांश हिस्से खाली हैं। ऐसे में बच्चे तो बच्चे बड़े भी पैर जलने से परेशान हो रहे हैं।
एडीए देता है 8.20 रुपये का शू कवर
टिकट विंडो पर विदेशी पर्यटकों को टिकट के साथ पानी की बोतल और शू कवर नि:शुल्क दिए जाते हैं। भारतीय पर्यटकों के लिए भी शू कवर की व्यवस्था एडीए की ओर से है, लेकिन इसके लिए 8.20 रुपये चुकाने पड़ते हैं।
नई मैट बिछेगी
ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक मुनज्जर अली का कहना है कि पर्यटकों को धूप से बचाने को फर्श पर मैट बिछवाई गई है। अब निचले हिस्से में भी यह बिछाई जाएगी। भारतीय पर्यटकों शू कवर दिए जाने की व्यवस्था बंद हो गई है।
फोटो-सत्येंद्र