मांगे पूरी न होने से लेखपालों में आक्रोश है। आक्रोशित लेखपालों ने एक बार फिर से आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपने आंदोलन के संबंध में जानकारी दी।
जिला अध्यक्ष महाराज सिंह ने कहा कि लेखपालों ने पूर्व में वेतन उच्चीकरण, वेतन व पेंशन विसंगति दूर करने, पद् नाम व शैक्षिक आर्हता परिवर्तन करने, लैपटॉप व स्मार्ट फोन उपलब्ध कराने सहित अन्य मांगे रखते हुए अपना आंदोलन किया। 11 अप्रेल 2017 को प्रदेश के मुख्यमंत्री ने समझौता वार्ता के दौरान मांगो को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया, लेकिन आज तक इन मांगों को पूरा नहीं किया गया है। 6 मई 2018 को आंदोलन की चेतावनी देते हुए एक नोटिस भी दिया, इसके बाद भी उनकी मांगों को पूरा करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए। जिससे लेखापालों ने फिर से चरणवद्ध आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है।
जिला सचिव विनय सक्सेना ने बताया कि लेखपाल अपने आंदोलन के तहत 19 जून को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद 25 जून तक काली पट्टी बांध कर कार्य किया जाएगा। 26 जून से 2 जुलाई तक ई डिस्ट्रिक के तहत निर्गत किए जाने वाले आय, जाति, निवास प्रमाण पत्रों के सत्यापक का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा। 3 जुलाई से 7 जुलाई तक संपूर्ण कार्य वहिष्कार करते हुए तहसील मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। 9 जुलाई से अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। राजकुमार सिंह सोलंकी, रामौतार सिंह, जगदीश बाबू, प्रथ्वीराज सिंह, प्रदीप सक्सेना, सतेद्र सिंह आदि मौजूद रहे।