लखनऊ। इंदिरानगर के तकरोही स्थित एक स्कूल में सोमवार को बुजुर्ग चौकीदार की लाश पेड़ पर लटकती मिली। मृतक के पैर व शरीर के अन्य अंग पर चोट के निशान भी मिले। बेटे ने जमीन विवाद में हत्या करने का आरोप लगाते हुए रिटायर्ड सचिवालय कर्मी के बेटे व होमगार्ड के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। इंदिरानगर के हरदासीखेड़ा निवासी मेवालाल रावत (82) तकरोही स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में चौकीदार थे। बेटे रमेश के मुताबिक, बीती रात करीब आठ बजे पिता मेवालाल खाना खाकर स्कूल गए थे। सुबह स्कूल की आया कमला ने परिसर में मेवालाल का शव हरसिंगार के पेड़ पर गमछे के सहारे लटकते देखी। इसकी खबर लगते ही थोड़ी ही देर में भीड़ जमा हो गई। मेवालाल के बेटे रमेश का कहना है कि उनके पिता की हत्या कर खुदकुशी साबित करने के लिए शव पेड़ से लटकाया गया है। उसका कहना है कि उनके पिता का शव जिस हरसिंगार के पेड़ से लटक रहे थे, वह काफी नीचे था। फंदे से झूलते हुए उनके पैर जमीन पर टिके थे। हाथ जांघ से बंधा था। पुलिस ने शव उतारने के बाद हाथ खोल। रमेश ने सचिवालय से रिटायर्ड जंग बहादुर सिंह के बेटे समर बहादुर सिंह व होमगार्ड अंबिका तिवारी पर हत्या का शक जताते हुए तहरीर दी। पुलिस दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए खोज रही है। सूचना पर पुलिस ने शव को नीचे उतारा और पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
हत्या की वजह यह तो नहीं ः रमेश की मानें तो वर्ष 2004 में उसके पिता ने हरदासीखेड़ा गांव में दो बीघे जमीन सचिवालय से रिटायर्ड जंग बहादुर सिंह को तीन साल के लीज पर दी थी। इसके एवज में जंग बहादुर ने चार लाख रुपये दिए थे। अब जंग बहादुर उनके बेटे जमीन पर पैरामाउंट पब्लिक स्कूल का निर्माण करा रहे हैं। पिता ने विरोध किया तो जंग बहादुर व उनके बेटे समर व अजय प्रताप सिंह ने जमीन को अपनी बताते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। उनका कहना है कि वह जमीन की कीमत अदा कर चुके हैं। पूर्व में भी जब पिता ने जमीन दी थी तो चाचा ने विरोध किया था जिस पर जंग बहादुर व उनके बेटों ने धमकाकर शांत कर दिया था।