लखनऊ। प्रदेश भर से आए हजारों शिक्षा मित्रों के धरना-प्रदर्शन के कारण सोमवार को लोग दिन भर जाम से जूझते रहे। जाम में फंसे लोग गलियों से होकर किसी तरह अपने गंतव्य तक पहुंचे के लिए बेकरार रहे। लगभग आठ घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण हुसैनगंज, हजरतगंज, अशोक मार्ग, कैसरबाग जाने वाले रास्तों पर जाम लगा रहा। ट्रैफिक पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद देर शाम तक यातायात व्यवस्था ढर्रे पर नहीं आ पाई। मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर शिक्षा मित्रों ने सुबह ही चारबाग से हजरतगंज तक रैली निकाल कर विधानभवन का घेराव शुरू किया। हजारों शिक्षा मित्रों ने पूरे मार्ग पर कब्जा जमा लिया। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी प्रदर्शनकारियों की मान-मनौव्वल करते रहे, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। इस दौरान जाम के कारण जीपीओ व बापू भवन जाने के सभी रास्तों पर लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। हुसैनगंज से चारबाग और निशातगंज से लेकर हजरतगंज तक जाम लगा रहा। बसों के रूट बदलने के बावजूद शहर के प्रमुख चौराहों पर यातायात घंटों बाधित रहा। दफ्तर जाने वाले रहे परेशान ः सुबह दफ्तर जाने वालों को जाम के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जवाहर भवन व इंदिरा भवन जाने वाले कर्मचारी समय से नहीं पहुंच सके। वहीं जीपीओ व अन्य कार्यालय पहुंचने के लिए भी दिन भर लोगों को काफी परेशानी हुई। रही-सही कसर शक्ति भवन पर चल रहे बिजली कर्मचारियों ने पूरी कर दी। नरही से लेकर डालीबाग व गोमती नगर और निशातगंज से लेकर इंदिरा नगर तक जाम ही जाम रहा। गाड़ी-ऑटो छोड़ पैदल चल पड़े ः चारबाग जाने वाले अधिकतर लोग ऑटो रिक्शा छोड़ ट्रेन पकड़ने को लिए पैदल ही चल पड़े, लेकिन चारों तरफ से शिक्षा मित्रों के कब्जे के कारण आखिरकार उन्हें गलियों से ही निकलना पड़ा। एक परिवार ने तो अपनी मारुति कार हजरतगंज चौराहे पर छोड़कर पैदल ही चारबाग की राह तय कर डाली। वहीं कुछ ने कैंट होकर चारबाग की राह पकड़ी। चारबाग व बस अड्डे पहुंचने के लिए लोग इधर-उधर से रास्ते तलाशते रहे।
बच्चों को हुई मुसीबत ः छुट्टी के बाद बच्चे स्कूल गेट पर अपनी गाड़ी व परिजनों का इंतजार करते रहे, लेकिन परिजन जाम में जूझते रहे। शाहनजफ रोड स्थित सेंट फ्रांसिस व कैथेड्रल के बच्चों की वैन व गाड़ियां घंटों जाम में फंसी रहीं। इस दौरान यातायात पुलिस के कर्मचारी भी असहाय से नजर आए।