फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ विवि का सत्र पटरी पर लाने की कवायद

Mon, 28 Jan 2013 05:30 AM IST
Lucknow
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने सत्र 2013-14 की प्रवेश प्रक्रिया के लिए अभी से कमर कस ली है। विश्वविद्यालय ने पिछले सत्रों के मुकाबले तीन महीने पहले ही प्रवेश समन्वयक घोषित कर दिया है। इसके साथ ही प्रवेश प्रक्रिया के तौर-तरीके तय करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन करने की व्यवस्था तो पिछले सालों की भांति लागू रहेगी लेकिन काउंसलिंग कार्यक्रम को इस बार और पहले तथा संक्षिप्त करने की तैयारी है।
विज्ञापन

पिछले सत्रों में आम तौर पर प्रवेश समन्वयक की घोषणा अप्रैल में होती थी। लेकिन इस बार लविवि प्रशासन ने इसकी भूमिका लगभग दो महीने पहले ही तैयार कर ली थी। कुलपति जी. पटनायक की अध्यक्षता में 26 नवंबर को हुई प्रवेश समिति की पहली बैठक में ही यह तय कर लिया गया था कि जल्दी ही नए सत्र के लिए प्रवेश समन्वयक तय कर दिया जाए जिससे वह अपनी टीम बनाकर प्रवेश संबंधी प्रक्रिया की तैयारियां प्रारंभ कर सके। जिससे प्रवेश प्रक्रिया में किसी भी तरह की कोई खामी न हो एवं सभी दाखिले विश्वविद्यालय एवं शासन के निर्देशानुसार किए जाएं। इस कवायद पर अमल करते हुए लविवि प्रशासन ने बॉटनी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. आरआर सिंह को प्रवेश समन्वयक बनाया है। प्रो. सिंह पहले भी 2001 में प्रवेश समन्वयक की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। जल्दी ही वह अपनी टीम तैयार कर प्रस्तावित प्रक्रिया पर काम शुरू करेंगे। माना जा रहा है कि लविवि प्रशासन इस बार प्रवेश प्रक्रिया को खास तौर पर पीजी दाखिले को समय से समाप्त करना चाह रहा है जिससे 16 जुलाई से कक्षाओं के संचालन शुरू होने की तिथि तक अधिकांश पाठ्यक्रमों को छात्र मिल जाए। हालांकि विवि के परीक्षा एवं परिणाम पर इसका भविष्य बहुत हद तक निर्भर करेगा।

कॉलेजों के प्रवेश पर भी नजर
लविवि प्रशासन इस बार कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया भी को अपनी निगहबानी में रखने की तैयारी में है। ऐसे में एक प्रस्ताव प्रवेश प्रक्रिया को लविवि के साथ जोड़ने का भी है। कवायद यह है कि प्रवेश प्रक्रिया लविवि के साथ शुरू करके और साथ ही समाप्त कर ली जाए। जिससे लविवि को कॉलेजों में भी प्रवेश की प्रक्रिया एवं उसका पूरा विवरण समय से प्राप्त हो जाए और प्रवेश में किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को पनपने न दिया जाए। लविवि प्रशासन की योजना नए सत्र से कॉलेजों के डाटाकार्ड को भी ऑनलाइन भरने की है। इसलिए भी इनकी प्रवेश प्रक्रिया को समय से समाप्त किया जाना जरूरी है।
विज्ञापन


ऑनलाइन ही रहेगी आवेदन प्रक्रिया
लविवि के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया पिछले सत्र की भांति ऑनलाइन ही रहेगी। इसमें स्नातक, परास्नातक एवं सभी डिप्लोमा पाठ्यक्रम आदि शामिल हैं। हालांकि ग्रामीण क्षेत्र के अभ्यर्थियों की समस्याओं एवं अन्य तकनीकी पक्षों पर अभ्यर्थियों के मार्गदर्शन के लिए हेल्प डेस्क जैसी योजनाओं को इस बार अमली जामा पहनने की तैयारी है जिससे प्रक्रियागत कठिनाईयों के चलते अभ्यर्थी लविवि से मुंह न मोड़ें।

पीजी में बढ़ सकती है बाहरियों की भागीदारी!
लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए परास्नातक कक्षाओं में सीटों का 80 फीसदी आरक्षण खत्म हो सकता है। पिछली प्रवेश समिति में इस मुद्दे को लेकर गंभीर चर्चा हुई थी। तर्क यह है कि विश्वविद्यालय क्षेत्रीय संस्था नहीं है बल्कि सबके लिए खुला है। इसलिए यह आरक्षण अनुचित है। हालांकि लविवि अपने छात्रों को प्रवेश में कुछ अंकों या अन्य आधार पर वेटेज दे सकता है। ऐसे में यदि पीजी की सीटों पर 80 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था खत्म हुई तो दूसरे विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए भी लविवि में पढ़ने के मौके बढ़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें