उत्तर प्रदेश के आजमगढ जिले में जहरीली शराब पीने से शुक्रवार को 29 और लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही मरने वालों की संख्या 35 हो गई।
12 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौका मुआयना के बाद एसपी ने थानाध्यक्ष मुबारकपुर के साथ हलके के दारोगा और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आजमगढ़ के जिला आबकारी अधिकारी सहित पांच आबकारी कर्मियों को निलंबित कर दिया है।
एसपी अरविंद सेन ने बताया कि जिन लोगों पर शराब बेचने का आरोप लगाया गया था, उनमें संजय चौहान और उसके पिता घुरभारी चौहान की मौत हो चुकी है। अन्य कारोबारियों का पता लगाया जा रहा है।
मालूम हो कि बृहस्पतिवार को आदमपुर गांव में एक दुकान की शराब पीने के बाद मौतों का सिलसिला शुरू हुआ, जो जारी है। उधर, अपर पुलिस अधीक्षक नगर विनोद ने बताया कि मुबारकपुर थाने में 11 लाशों का पंचनामा भर लिया गया है। बाकी शवों की तलाश की जा रही है।
मामले में कड़ा सज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विषाक्त शराब के उत्पादन, बिक्री व सेवन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए और प्रवर्तन कार्यों एवं दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए।
निलंबित होने वालों में आजमगढ़ के जिला आबकारी अधिकारी ओम प्रकाश सिंह, आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-2 राजीव मोहन, प्रधान आबकारी सिपाही क्षेत्र-2 विजय कुमार सोनकर, आबकारी सिपाही क्षेत्र-2 अमित राजभर एवं फरहत अली शामिल हैं।
इन्हें शासकीय दायित्वों का निर्वहन न करने और कर्तव्यों के प्रति लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के कारण निलंबित कर दिया है।