भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की रैली कानपुर के कल्याणपुर में ही होगी। हाईकोर्ट ने रैली स्थल को लेकर उठाई गई आपत्ति खारिज कर दी है।
कोर्ट ने रैली पर रोक लगाने को लेकर दाखिल जनहित याचिका दावा साबित न कर पाने के आधार पर निरस्त कर दी।
कानपुर की दलित महिला सुनील कुमारी की याचिका पर न्यायमूर्ति शिवकुमार सिंह और न्यायमूर्ति संजय मिश्र की खंडपीठ ने सुनवाई की।
याचिका में दावा किया गया था कि जिला प्रशासन ने मोदी की रैली जिस स्थान पर करने की अनुमति दी है वह जमीन दलितों की है। प्रशासन ने रैली के लिए स्थान स्वीकृत करते समय इनकी अनुमति नहीं ली।
रैली के आयोजन से कृषि भूमि खराब होगी। इसके विपरीत प्रदेश सरकार का पक्ष रखते हुए रामानंद पांडेय और पंकज सक्सेना ने कहा कि राजस्व रिकार्ड में भूमि पुलिस विभाग के नाम दर्ज है।
याचीगणों का नाम खसरा-खतौनी या किसी राजस्व अभिलेख में दर्ज नहीं है। जो सूची प्रस्तुत की गई है उससे जमीन पर उनका टाइटिल साबित नहीं होता है।
वहीं, भाजपा का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता केशरीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि रैली की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
अंतिम क्षणों में स्थान बदलने से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद कहा कि याचीगण जमीन पर अपना टाइटिल साबित करने में नाकाम रहे हैं। उपलब्ध रिकार्ड से भूमि पर उनका दावा साबित नहीं है।
रैली ठीक एक दिन बाद है अत: इस स्तर पर याचिका में हस्तक्षेप करने का कोई औचित्य नहीं है।