भारत को डेविस कप के विश्वग्रुप एक प्लेऑफ के ड्रॉ में फिर पाकिस्तान के साथ रखा गया है और पाकिस्तान टेनिस महासंघ (पीटीएफ) ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वह इस बार अपने घरेलू मुकाबले को तटस्थ स्थल पर स्थानांतरित करने पर सहमत नहीं होगा। भारत को 2019 ड्रॉ में भी पाकिस्तान के साथ रखा गया था लेकिन ‘सुरक्षा चिंताओं’ के कारण एशिया/ओसियाना ग्रुप एक मुकाबले को तटस्थ स्थल कजाखस्तान स्थानांतरित कर दिया गया था। विरोधस्वरूप पाकिस्तान के शीर्ष खिलाड़ी ऐसाम उल हक और अकील खान ने इस मैच में नहीं खेलने का फैसला किया था जिसमें उदीयमान मोहम्मद शोएब, हुजाइफा अब्दुल रहमान और यूसुफ खलील उसके लिए खेले थे।
भारत ने तब कमजोर पाकिस्तान को 4-0 से हरा दिया था। इस एकतरफा मुकाबले में पाकिस्तान ने पूरे मुकाबले में केवल सात गेम ही जीते थे। आईटीएफ 2019 में इस मुकाबले को तटस्थ स्थल पर स्थानांतरित करने के लिए सहमत हो गया था लेकिन अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) अगर तटस्थ स्थल के लिए जोर देता है तो राष्ट्रीय संस्था के लिए विश्व संचालन संस्था को अपनी बात समझाना बहुत मुश्किल हो जाएगा।
पाकिस्तान के 43 साल के खिलाड़ी अकील खान ने बताया कि वे उम्मीद कर रहे हैं कि भारतीय टीम मुकाबले के लिए उनके देश की यात्रा करेगी। अकील ने कहा, ‘मैं उम्मीद कर रहा हूं कि वे आएंगे और हमें मेजबानी का मौका देंगे।’ कुरैशी ने कहा, ‘उम्मीद करते हैं कि इस बार यह मुकाबला पाकिस्तान में ही खेला जाएगा।’ पाकिस्तान ने पिछले हफ्ते इंडोनेशिया को विश्व ग्रुप दो मुकाबले में घरेलू कोर्ट पर इंडोनेशिया को 4-0 से हराया था। सैफुल्लाह ने कहा, ‘हमने लिथुआनिया, स्लोवाकिया, कोरिया, ईरान, थाईलैंड की मेजबानी की है। ये सभी देश यहां आकर खेले और उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। ’
59 साल पहले किया था भारतीय टीम ने दौरा
अगर भारत यात्रा करने का फैसला करता है तो यह 59 वर्षों में सीमा पार खेलने वाली पहली डेविस कप टीम बन जायेगी और टीम टूर्नामेंट के इतिहास में ऐसा केवल तीसरी बार होगा। पिछली बार भारत की डेविस कप टीम ने 1964 में पाकिस्तान का दौरा किया था जब मेहमान टीम ने मेजबानों को 4-0 से शिकस्त दी थी। रामनाथन कृष्णन के नेतृत्व में भारतीय टीम ने पहली बार 1962 में पाकिस्तान का दौरा किया था। पाकिस्तान तीन दफा भारत आ चुका है।