कूबरटिन के 14 पेज के मैनिफेस्टो के लिए रिकॉर्ड 62.40 करोड़ रुपये की बोली लगाई गई थी। यह नीलामी न्यूयॉर्क के सोदबी ऑक्शन हाउस में हुई थी, जो करीब 12 मिनट तक चली थी। सोदबी के मुताबिक, नीलामी शुरू होने के 12 मिनट में ही मैनिफेस्टो बिक गया था। नीलामी में अनुमान से करीब 8 गुना ज्यादा राशि मिली।
बता दें कि फ्रांस के कूबरटिन ने खिलाड़ियों से सामाजिक और व्यक्तिगत तौर पर फायदे के लिए प्रयास करने की अपील की थी। उन्होंने 1894 में अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति (आईओसी) की स्थापना की। इसके बाद 1896 में एथेंस में पहले आधुनिक ओलिंपिक गेम्स कराए। उनका मानना था कि खेल भी इंसान के जीवन का अहम हिस्सा हैं। वह विश्व शांति के लिए खेलों को अहम मानते थे और दुनिया को खेल के माध्यम से जोड़ना चाहते थे।
हालांकि उनकी यह स्पीच उस वक्त लोगों को अधिक पसंद नहीं आई थी क्योंकि लोग उनकी बातों को व्यावहारिक नहीं मानते थे। लेकिन बीतते समय के साथ-साथ उनकी सोच सही साबित होती गई। यही कारण है कि 1896 में जहां इसमें 12 देश शामिल थे वहीं इस बार के ओलंपिक में 200 से अधिक देश जुड़ रहे हैं।