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केटी इरफान: डोपिंग के शक में कॉमनवेल्थ 2018 से बैरंग लौटा था यह खिलाड़ी, ऐसे पाया ओलंपिक का टिकट

Thu, 22 Jul 2021 03:12 PM IST
ओम. प्रकाश स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लंदन ओलंपिक में नाकाम रहे केटी इरफान से इस बार टोक्यो ओलंपिक में पदक की उम्मीद है। यह उनका दूसरा ओलंपिक है। साल 2018 में वह डोपिंग में शक के चलते राष्ट्रमंडल खेलों में भाग नहीं ले पाए थे। 
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केटी इरफान - फोटो : सोशल मीडिया
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एक वक्त ऐसा भी था, जब उनके शहर में न तो कोई उन्हें जानता था और न ही उनके खेल को पहचानता था। ऐसे में उन्होंने पहले अपने खेल से लोगों को रूबरू कराया और बाद में अपनी कामयाबी की इबारत भी लिख दी। दरअसल, बात हो रही है केरल के रहने वाले केटी इरफान की, जो लंदन ओलंपिक 2012 में 20 किमी पैदल चाल कैटिगरी में भले ही 10वें नंबर पर रहे थे, लेकिन भारत का राष्ट्रीय रिकॉर्ड जरूर तोड़ दिया था। इस बार वह अपना दमखम दिखाने के लिए टोक्यो पहुंच चुके हैं और उनसे मेडल जीतने की उम्मीदें भी काफी ज्यादा हैं। इस रिपोर्ट में हम रूबरू होते हैं इरफान के करियर, उनके परिवार और अब तक के सफरनामे से...

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यह था केटी इरफान का सपना

केरल के मल्लापुरम जिले से ताल्लुक रखने वाले इरफान बचपन से सेना में जाना चाहते थे। इसके अलावा जिस तरह पूरा केरल फुटबॉल का दीवाना है। वैसे ही इरफान को भी यह खेल काफी पसंद था, लेकिन उन्होंने अपने सपने को पूरा किया और मार्च 2010 में स्पोर्ट्स कोटे से भारतीय सेना में शामिल हो गए। इरफान बताते हैं कि उन्हें मद्रास रेजीमेंट सेंटर में सूबेदार रामकुमार के नेतृत्व में ट्रेनिंग करने का मौका मिला। वह रोजाना सुबह पांच बजे उठकर ट्रेनिंग करते, जिसमें एक किलोमीटर की दौड़ और पांच किलोमीटर पैदल चाल होती थी। इसे पूरा करने में उन्हें करीब तीन घंटे लगते थे। वहीं, शाम के वक्त इरफान करीब ढाई घंटे ट्रेनिंग करते थे, जिसमें एक किलोमीटर रनिंग के साथ वॉक भी शामिल थी। आर्मी में भर्ती होने के बाद केटी का अधिकतर समय ऊंटी में बीता। 

2012 में बनाया था यह खास रिकॉर्ड

गौरतलब है कि यह इरफान का दूसरा ओलंपिक है। इससे पहले वह 2012 के दौरान लंदन ओलंपिक में भी हिस्सा ले चुके हैं। उस वक्त वह 20 किलोमीटर वॉक इवेंट में 10वें नंबर पर रहे थे, लेकिन उन्होंने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया था। बता दें कि इरफान को अब मल्लापुरम एक्सप्रेस के नाम से जाना जाता है। अपने होमटाउन में तो वह नई पीढ़ी के लिए मिसाल बन चुके हैं। 
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डोपिंग के शक में कटा था कॉमनवेल्थ का टिकट

जानकारी के मुताबिक, डोपिंग के दंश से केटी इरफान भी रूबरू हो चुके हैं। इसके चलते वह 2018 के दौरान हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे। दरअसल, उस दौरान होटल में इरफान के कमरे से एक सीरिंज बरामद हुई थी। ऑस्ट्रेलिया के डोपिंग अधिकारियों ने उनसे इस संबंध में पूछताछ की थी, लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे सके। इसके बाद इरफान और उनके साथी एथलीट राकेश बाबू को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से रोक दिया था। इसके बाद इरफान ने खुद को संभाला और अब वह अपना दमखम दिखाने के लिए टोक्यो पहुंच चुके हैं।
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