मुरलीकांत पेटकर, 1972 हीडलबर्ग पैरालंपिक
मुरलीकांत पेटकर भारत के पहले पैरा एथलीट हैं जिन्होंने देश के लिए सबसे पहले स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने यह स्वर्ण पदक साल 1972 में हीडलबर्ग में आयोजित किेए गए पैरालंपिक खेलों में 50 मीटर फ्रीस्टाइल स्विमिंग स्पर्धा में जीता था। उन्होंने 37.33 सेकेंड में यह दूरी तय की थी।
देवेंद्र झाझरिया, एथेंस पैरालंपिक 2004
एथेंस पैरालंपिक के दौरान भारत के भाला फेंक एथलीट देवेंद्र झाझरिया ने 20 साल का सूखा खत्म करते हुए जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने एथेंस पैरालंपिक में में 62.15 मीटर भाला फेंका। देवेंद्र एक बार फिर इस रिकॉर्ड को दोहराना चाहेंगे। टोक्यो पैरालंपिक में देवेंद्र जल्द ही एक्शन में होंगे।
राजिंदर सिंह रहेलू, एथेंस पैरालंपिक 2004
एथेंस पैरालंपिक में पदक जीतने वाले राजेंद्र सिंह रहेलू दूसरे भारतीय एथलीट रहे। उन्होंने पुरुषों के 56 किग्रा भार वर्ग में पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने इस दौरान 157.5 किग्रा भार उठाकर ब्रॉन्ज मेडल जीता।
गिरीश नागराजेगौड़ा, 2012 लंदन पैरालंपिक
लंदन पैरालंपिक में भारत की तरफ से गिरीश नागराजेगौड़ा ही पदक जीत पाए। उन्होंने पुरुषों की हाई जंप में 1.74 मीटर की छलांग लगाते हुए रजत पदक जीता। गिरीश इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले भारत के पहले पैरा एथलीट हैं।
रियो पैरालंपिक 2016
देवेंद्र झाझरिया, स्वर्ण पदक
रियो पैरालंपिक में भारतीय एथलीट देवेंद्र झाझरिया ने कमाल का प्रदर्शन करते पुरषों की भाला फेंक स्पर्धा में 63.97 मीटर भाला फेंका और स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे। वह जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के पहले पैरा एथलीट हैं।
मरियप्पन थंगावेलू, स्वर्ण पदक
रियो पैरालंपिक में भारत के मरियप्पन थंगावेलू ने ऊंची कूद में 1.89 मीटर की छलांग लगाते हुए स्वर्ण पदक जीता। वह भारत के उन तीन पैरा एथलीटों में शामिल हैं जिन्होंने इन खेलों में गोल्ड मेडल जीते हैं।
दीपा मलिक, रजत पदक
भारत के पैरालंपिक इतिहास में दीपा मलिक देश की पहली महिला एथलीट हैं जिन्होंने इन खेलों रजत पदक जीता है। दीपा ने रियो पैरालंपिक में शॉट पुट स्पर्धा में 4.61 मीटर थ्रो कर सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहीं।
वरुण सिंह भाटी, कांस्य पदक
रियो पैरालंपिक में वरुण सिंह भाटी ने भी इतिहास रचा। वह ऊंची कूद में कांस्य पदक जीतने में सफल रहे। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक मरियप्पन थंगावेलू ने जीता था।