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पैरालंपिक में प्रदर्शन: भारत ने 53 साल के इतिहास में अब तक जीते हैं 12 पदक, पढ़ें मेडलिस्ट की पूरी लिस्ट

Tue, 24 Aug 2021 09:05 AM IST
ओम. प्रकाश स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 बहुप्रतीक्षित टोक्यो पैरालंपिक की शुरुआत आज से होने जा रही है। इन खेलों में भारत के 54 पैरा एथलीट 9 स्पर्धाओं में अपना दमखम दिखाएंगे। भारतीय पैरा एथलीट दल में ऐसे कई दिग्गज खिलाड़ी हैं जो इन खेलों में इतिहास रचने को बेताब हैं। 
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टोक्यो पैरालंपिक 2021 - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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टोक्यो पैरालंपिक की शुरुआत आज से होने जा रही है। इन खेलों में भारत की तरफ से 54 एथलीट 9 स्पर्धाओं में अपना दमखम दिखाएं। पैरालंपिक खेलों में भाग लेने टोक्यो पहुंचे भारतीय एथलीटों में ऐसे कई खिलाड़ी शामिल हैं जो पदक जीतकर इतिहास रचने को बेताब हैं। वैसे पैरालंपिक खेलों की शुरुआत साल 1968 से हुई जिसमें भारत का प्रदर्शन अच्छा रहा है। भारतीय पैरा एथलीटों ने इन खेलों में अब तक चार स्वर्ण, चार रजत और चार कांस्य पदक सहित कुल 12 मेडल जीते हैं। आइए ऐसे में आपको उन भारतीय पैरा एथलीटों के बारे में बताते हैं जो इऩ खेलों में पदक जीतने में सफल रहे। 

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मुरलीकांत पेटकर, 1972 हीडलबर्ग पैरालंपिक

मुरलीकांत पेटकर भारत के पहले पैरा एथलीट हैं जिन्होंने देश के लिए सबसे पहले स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने यह स्वर्ण पदक साल 1972 में हीडलबर्ग में आयोजित किेए गए पैरालंपिक खेलों में 50 मीटर फ्रीस्टाइल स्विमिंग स्पर्धा में जीता था। उन्होंने 37.33 सेकेंड में यह दूरी तय की थी। 

जोगिंदर सिंह बेदी, 1984 न्यूयॉर्क-ब्रिटेन पैरालंपिक

भारत के जोगिंदर सिंह बेदी ने साल 1984 में न्यूयॉर्क में आयोजति किए गए पैरालंपिक खेलों में शॉट पुट स्पर्धा में रजत पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने डिस्कस थ्रो और भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने में सफल रहे। भारत की तरफ से पैरालंपिक खेलों में सबसे अधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड जोगिंदर सिंह के नाम है। 

भीमराव केसरकर, 1984 न्यूयॉर्क-ब्रिटेन पैरालंपिक

1984 पैरालंपिक खेले में भीमराव केसरकर रजत पदक जीतने में सफल रहे। उन्होंने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में रजत पदक जीता। इस स्पर्धा का कास्य पदक जोगिंदर सिंह बेदी ने जीता था। 

देवेंद्र झाझरिया, एथेंस पैरालंपिक 2004 

एथेंस पैरालंपिक के दौरान भारत के भाला फेंक एथलीट देवेंद्र झाझरिया ने 20 साल का सूखा खत्म करते हुए जेवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने एथेंस पैरालंपिक में में 62.15 मीटर भाला फेंका। देवेंद्र एक बार फिर इस रिकॉर्ड को दोहराना चाहेंगे। टोक्यो पैरालंपिक में देवेंद्र जल्द ही एक्शन में होंगे।  

राजिंदर सिंह रहेलू, एथेंस पैरालंपिक 2004 

एथेंस पैरालंपिक में पदक जीतने वाले राजेंद्र सिंह रहेलू दूसरे भारतीय एथलीट रहे। उन्होंने पुरुषों के 56 किग्रा भार वर्ग में पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने इस दौरान 157.5 किग्रा भार उठाकर ब्रॉन्ज मेडल जीता। 

गिरीश नागराजेगौड़ा, 2012 लंदन पैरालंपिक

लंदन पैरालंपिक में भारत की तरफ से गिरीश नागराजेगौड़ा ही पदक जीत पाए। उन्होंने पुरुषों की हाई जंप में 1.74 मीटर की छलांग लगाते हुए रजत पदक जीता। गिरीश इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले भारत के पहले पैरा एथलीट हैं। 
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रियो पैरालंपिक 2016 

देवेंद्र झाझरिया, स्वर्ण पदक

रियो पैरालंपिक में भारतीय एथलीट देवेंद्र झाझरिया ने कमाल का प्रदर्शन करते पुरषों की भाला फेंक स्पर्धा में 63.97 मीटर भाला फेंका और स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे। वह जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के पहले पैरा एथलीट हैं। 

मरियप्पन थंगावेलू, स्वर्ण पदक

रियो पैरालंपिक में भारत के मरियप्पन थंगावेलू ने ऊंची कूद में 1.89 मीटर की छलांग लगाते हुए स्वर्ण पदक जीता। वह भारत के उन तीन पैरा एथलीटों में शामिल हैं जिन्होंने इन खेलों में गोल्ड मेडल जीते हैं। 

दीपा मलिक, रजत पदक 

भारत के पैरालंपिक इतिहास में दीपा मलिक देश की पहली महिला एथलीट हैं जिन्होंने इन खेलों रजत पदक जीता है। दीपा ने रियो पैरालंपिक में शॉट पुट स्पर्धा में 4.61 मीटर थ्रो कर सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहीं। 

वरुण सिंह भाटी, कांस्य पदक 

रियो पैरालंपिक में वरुण सिंह भाटी ने भी इतिहास रचा। वह ऊंची कूद में कांस्य पदक जीतने में सफल रहे। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक मरियप्पन थंगावेलू ने जीता था।
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